बरनाहल। बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित करने वाले झोलाछाप ने निरीक्षण के लिए पहुंचे नोडल अधिकारी के साथ अभद्रता की थी। मामले में थाना पुलिस को दो महीने पहले कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई थी। पुलिस ने घटना के दो माह बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झोलाछाप के नोडल अधिकारी डाॅ. आशुतोष कुमार की तहरीर पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीएमओ डाॅ. आरसी गुप्ता के निर्देश पर नोडल अधिकारी आठ अप्रैल को बरनाहल क्षेत्र में छापामार कार्रवाई करने पहुंचे थे। यहां गांव पैरारशाहपुर में झोलाछाप दिलीप क्लीनिक का संचालन करते पाया गया। नोडल अधिकारी को झोलाछाप पंजीकरण और डिग्री संबंधी अभिलेख नहीं दिखा सका था।
मौके पर पाया गया कि वह बिना डिग्री के ही मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा था। उसके यहां एक्सपायरी डेट की कुछ दवाइयां भी मिली थीं। इसके बाद नोडल अधिकारी ने दुकान को सील कर नोटिस दिया तो झोलाछाप दिलीप कुमार अभद्रता करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने लगा। विरोध करने पर वह जान से मारने की धमकी देने लगा।
नोडल अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने नोडल अधिकारी से अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने बताया कि डाक के माध्यम से पत्र प्राप्त होने के बाद घटना की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।