भगवान श्रीचंद्रप्रभु एवं पार्श्वनाथ का जन्म-तप कल्याणक महोत्सव के मौके पर सुबह पूजन एवं अभिषेक किया गया। इस दौरान जैन समाज के लोगों ने धूमधाम से पार्श्वनाथ लोहाई मंदिर से रथयात्रा निकाली।
भव्य रथयात्रा में भगवान पार्श्वनाथ एवं चंद्रप्रभु के जीवन चरित्र से संबंधित झांकियां शामिल थीं। जैन भजनों के मधुर स्वरों पर समाज के युवा थिरकते चल रहे थे। एक रथ पर भगवान चंद्रप्रभु और दूसरे रथ पर भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान थी। भगवान चंद्रप्रभु के रथ पर रमेश चंद्र जैन और भगवान पार्श्वनाथ के रथ पर बृजेश कुमार इंद्र चंवर डुला रहे थे। रथयात्रा की जगह-जगह आरती उतारी गई। रथयात्रा मंदिर से करहल रोड, बजाजा बाजार, लैनगंज, डाकखाना, बड़ा चौराहा होते हुए उपवन मंदिर पहुंची। यहां पर दोनों ही भगवानों का अभिषेक, पूजन और शांतिधारा की गई।
वहीं भक्ति रस की बेला में सोनिया जैन एवं पार्टी ने संगीत में पूजा भक्ति करवा कर सभी का मनमोह लिया। कार्यक्रम का संचालन पंडित कमल कुमार जैन ने किया। उसके बाद भगवान जी को पालकी में बैठाकर बैंडबाजों के साथ सभी इंद्रों ने पाश्वनार्थ को लोहाई मंदिर में विराजमान कर दिया। सांयकालीन आरती एवं भव्यपालना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों ने प्रस्तुत किए। साथ ही पालना पर भगवान जी को पालना झुलाया गया।
इस मौके पर जैन जागृति मंच के कार्यकर्ताओं के अलावा पं. शिववरण लाल, पं. प्रकाश चंद्र, पं. अनंत कुमार, अजय जैन, गौरव जैन, संजय जैन, संजीव जैन, विजयकांत जैन, पदमकांत जैन, अभिषेक जैन, नितिन जैन, आयुष जैन, आकाश जैन, नमन, अमन, ऋषभ, जिनेंद्र जैन, सुनील जैन, टेलीफोन, अक्षय जैन, आलोक जैन आदि मौजूद थे।