मैनपुरी के कस्बा बरनाहल में मायके में आई एक युवती की अवैध रूप से संचालित एक क्लीनिक पर गर्भपात के बाद मौत हो गई। परिजन ने क्लीनिक पर तैनात डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कस्बा बेवर के मोहल्ला काजीटोला निवासी विशाल की 24 वर्षीय पत्नी आकांक्षा अपने मायके कस्बा बरनाहल के मोहल्ला खरैना में आई हुई थी। वह ढाई माह की गर्भवती थी। अचानक ब्लीडिंग होने पर परिजन ने उसे कस्बे के ही आशी क्लीनिक पर 12 दिन पहले भर्ती कराया था। यहां क्लीनिक पर तैनात एक डॉक्टर ने आकांक्षा का गर्भपात करा दिया। गर्भपात के दो दिन बाद आकांक्षा की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन ने आकांक्षा को सिरसागंज, मैनपुरी और आगरा में भर्ती कराया।
आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान रविवार की रात आकांक्षा की मौत हो गई। पति विशाल का कहना था कि पत्नी की मौत का जिम्मेदार बरनाहल में आशी क्लीनिक की तथाकथित डॉक्टर है। आगरा में कराई गई जांच के दौरान पता चला है कि गर्भपात के दौरान आकांक्षा के गर्भाशय छह स्थानों पर नश्तर मारा गया है। इसके कारण आकांक्षा की मौत हुई है। विशाल ने बताया कि फिलहाल वह पत्नी का दाहसंस्कार कर रहा है इसके बाद वह उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करेगा।
बालक की हुई मौत
भोगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में झोलाछाप के इंजेक्शन से 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। पिता ने पुलिस को तहरीर देकर झोलाछाप पर कार्रवाई की मांग की है।थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव मेरापुर गुजराती निवासी धर्मेंद्र सिंह ने भोगांव पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसके 10 वर्षीय पुत्र राजन सिंह को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। वह उसे लेकर भोगांव थाना क्षेत्र के गांव नगला गुलाबी में एक झोलाछाप के पास उपचार के लिए पहुंचा। यहां उसने उसके पुत्र को एक इंजेक्शन लगाया। इसके बाद उसके पुत्र की हालत बिगड़ गई। झोलाछाप ने हालत बिगड़ने पर राजन को जिला अस्पताल भेज दिया।जिला अस्पताल में डॉक्टर ने जांच के बाद राजन को मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र सिंह ने अपने पुत्र की मौत का जिम्मेदार झोलाछाप को बताते हुए उसके नाम रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता का कहना था कि कोई शिकायत नहीं मिली है। जिस झोलाछाप का नाम सामने आ रहा है इस नाम से कोई क्लीनिक या अस्पताल पंजीकृत नहीं है। टीम भेजकर जांच कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।