मैनपुरी। श्रद्धा भाव के साथ रविवार को देवोत्थान एकादशी मनाई गई। इस दौरान गन्नों और सिंघाड़े की खरीदारी की गई। पूरे जिले में जश्न जैसा माहौल रहा। वहीं शादियों की शुरूआत भी हो गई। घर के आंगन में अल्पनाएं बनाई गईं और विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
देवोत्थान पर्व से एक दिन पूर्व ही जगह-जगह गन्ने और सिघाड़ों की सड़क किनारे दुकानें सज गई थीं। इन्हें बेचने वाले पर्व को देखते हुए मनमाने पैसे वसूल करते नजर आए। कहीं-कहीं 10 रुपये से 15 रुपये तक में गन्ने बिकते दिखाई दिए। यही हाल सिंघाड़ों का रहा। सिंघाड़े भी 25 से 30 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचे गए। जगह-जगह फड़ लगाकर और हथठेलों पर सिंघाड़े, शकरकंदी के अलावा अन्य हरी सब्जियों की बिक्री की गई।
किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली में गन्ने लादकर अपनी-अपनी दुकानें जगह-जगह सजा ली थीं। घंटाघर चौराहा, करहल रोड, आगरा रोड, स्टेशन रोड, कचहरी रोड पर इनकी बिक्री हुई। इसके अलावा मुख्य बाजारों में भी खरीदारों की भीड़ नजर आई। सबसे ज्यादा चांदी तो सब्जी विक्रेताओं की रही। सब्जी मंडी में सजे सिंघाड़े, शकरकंदी के अलावा अन्य हरी सब्जियों के दाम रविवार को अपेक्षाकृत महंगे रहे। बावजूद इसके लोगों ने खरीदारी की।
बाजार में रहे जाम के हालात
देवोत्थान पर 800 से अधिक जोडे़ जिले भर में परिणय सूत्र में बंधे। नगर के सभी गेस्ट हाउस, बारातघर और धर्मशालाएं महीनों पूर्व ही देवोत्थान के लिए बुक हो गए थे। टेंट, ब्यूटी पार्लर, हलवाई, मालियों की खूब चांदी रही। बाजार में खरीदारों की भीड़ के चलते दिन में कई बार जाम के हालात रहे। बाजारों में पूरे दिन खासी गहमागहमी रही।