फोटो 37 स्वगणना की समीक्षा करते जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी। स्त्रोत विभाग
- फोटो : पूर्व हवलदार एवं दिव्यांग राजेश कुमार मलिक।
मैनपुरी। समीक्षा बैठक में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्व-गणना में जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस, उपायुक्त एनआरएलएम, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा रुचि नहीं दिखाने पर नाराजगी जताई। कहा आपस में समन्वय स्थापित कर स्व-गणना कराएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्व-गणना में छात्रों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए शिविर भी लगेंगे। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में कहा कि बांट-माप, राजकीय पॉलीटेक्निक, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा, मंडी परिषद, सैनिक कल्याण द्वारा जिला मुख्यालय, ग्राम स्तर पर तैनात कार्मिकों, विभागीय योजनाओं के लाभार्थियों में से किसी की भी स्वगणना नहीं कराई है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने आगे कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलिटेक्निक, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अपने नियंत्रण वाले सभी विद्यालयों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक स्व-गणना कराएं। विद्यालयों में 13, 14 और 15 मई को कैंपों का आयोजन कराकर शत-प्रतिशत पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों की उपस्थिति कराएं। जो छात्र-छात्राएं 25 या उससे अधिक स्व-गणना कराकर एसईआईडी उपलब्ध कराएंगें, उन्हें पुरस्कृत करेंगे। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति संतोषजनक नहीं है। जिला कृषि अधिकारी द्वारा नियमित समीक्षा नहीं की जा रही है। फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में रुचि भी नहीं ली जा रही है। सबसे खराब प्रगति तहसील किशनी और भोगांव की है। प्रतिदिन प्रत्येक तहसील में कम से कम 250 फार्मर रजिस्ट्री की जाएं। अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, डिप्टी कलक्टर ध्रुव शुक्ला, संध्या शर्मा, उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा, ई-डिस्ट्रिक मैनेजर सौरभ पांडेय मौजूद रहे।