एटीएम पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड की सुरक्षा के कोई भी इंतजाम संबंधित सिक्योरिटी कंपनी या बैंक प्रबंधन नहीं करता है। दिन में जहां हथियारबंद गार्ड एटीएम पर तैनात किए जाते हैं वहीं रात की शिफ्ट में तैनात गार्ड बिना हथियार के होता है। इससे उनके लिए खतरा और बढ़ जाता है। एटीएम तोड़ने और लूटने की वारदातें अक्सर रात में ही होती हैं।
पटना में शनिवार को बदमाशों ने एक एटीएम पर तैनात गार्ड की गला रेत कर हत्या कर दी है। इसके बाद जब शहर में एटीएम पर तैनात गार्ड के संबंध में तहकीकात की गई तो पता चला कि लाखों रुपये के कैश की सुरक्षा करने वालों की खुद की सुरक्षा भगवान भरोसे है। सिक्योरिटी कंपनी से लेकर बैंक प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारी तक इसको लेकर गंभीर नहीं है। रात में जो गार्ड एटीएम पर तैनात किए जाते हैं वह बिना हथियार के होते हैं। जबकि दिन में तैनात गार्ड सशस्त्र होते हैं। इस संबंध में जब एक एटीएम के गार्ड से पूछा तो उसने बताया कि बैंक प्रबंधन का मानना है कि रात में लोग कम कैश निकालने आते हैं वहीं रात में कैश भी कम बचता है। जबकि दिन में भीड़ भी अधिक आती है।
जबकि जोखिम रात को बहुत होता है। पूर्व में एटीएम पर हुई वारदात अधिकांश रात के समय की हैं। जोखिम अधिक होने के बाद भी रात में एटीएम पर बिना हथियार के गार्ड तैनात किया जाता है।
एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर तैनात गार्ड नीरज ने बताया कि कंपनी से निर्देश हैं कि रात में बिना हथियार के और दिन में सशस्त्र गार्ड एटीएम पर तैनात किया जाए। एसबीआई के चीफ मैनेजर आरसी भारती ने बताया कि बैंक जिन सिक्योरिटी कंपनियों से करार करती हैं उनसे एटीएम के केयर टेकर की तैनाती करने की बात कही जाती है। यह सिक्योरिटी गार्ड नहीं होते हैं। यही कारण है कि गार्ड का पद न होने के कारण एटीएम पर हथियारबंद व्यक्ति तैनात नहीं होता है।