विकास के लिए उद्योग-धंधे भी जरूरी
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मतदान की तिथि नजदीक आते ही लोगों का चुनावी रुझान बढ़ने लगा है। व्यस्त समय के बीच फुर्सत के क्षणों में लोग चुनावी चर्चा करने लगे हैं। चर्चा के बीच मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने वाला विधायक चुनने पर चर्चा की जा रही है।
कचहरी रोड स्थित एक आश्रम में रविवार को सत्संग सुनने आए लोग फुर्सत के क्षणों में चुनावी चर्चा करते नजर आए। विकास कराने के नाम पर अभी तक वोट देते आए लोग विकास की बात पर खुद को छला हुआ महसूस कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि विधायक ऐसा हो जो गांव गरीब की सुनने वाला हो। जरूरत पर आसानी से उपलब्ध हो। केवल सड़कों की बजाए युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए उद्योग धंधों की स्थापना के लिए पहल भी करे। शहर और देहात में समस्याओं का अंबार है। चुने जाने के बाद विधायक केवल चहेतों को ही खुश करते हैं। विकास कराने में जरूरत नहीं वोट को ही आधार बनाया जाता है।
शहर से सटे नगला निरंजन निवासी साहब सिंह का कहना है विधायक ऐसा चुनेंगे जो गांव गरीब की सुने। जरूरत पर आसानी से उपलब्ध हो। समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर कराए।
हुसैनपुर भोगांव निवासी महीपाल ने कहा कि चुनाव लड़ते समय हर नेता विकास कराने का दावा करता है। चुनाव जीतने के बाद वह अपने वादे भूल जाता है। आज भी कई गांवों में कच्ची गलियां हैं। पूरे साल वहां कीचड़ भरा रहता है। पक्की सड़क तो दूर की बात खंड़जा तक बनवाने के लिए पहल नहीं की गई है।
राजीव गांधी नगर निवासी कालीचरन का कहना था विकास के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य का स्तर सुधारना जरूरी है। गांव के सरकारी स्कूलों में शिक्षक समय से नहीं जाते, अस्पतालों में डाक्टर बिना ड्यूटी किए वेतन ले रहे हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की बदहाली दूर करने वाला विधायक ही इस बार चुनेंगे।
हुसैनपुर निवासी अजयपाल का कहना है विकास के लिए युवाओं को रोजगार चाहिए। बेरोजगारी के चलते युवा अपराध की ओर बढ़ते हैं। युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए जिले में कृषि आधारित उद्योग धंधे लगवाए जाएं। जिले के विधायक मंत्री तक बने पर बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई कोशिश नहीं की।