घर पहुंचे शव तो मचा कोहराम, हर एक आंख हुई नम
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कन्नौज में सोमवार दोपहर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में मृतकों के शव मंगलवार सुबह जब घर पर पहुंचे तो परिवारीजन ही नहीं आसपास के लोगों तक की आंखें नम हो गईं। हादसे में जहां शहर के महमूद नगर निवासी एक परिवार के सभी सदस्यों की मौत हो गई। वहीं कुरावली के मोहल्ला नगला चैनी में रहने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्यों की भी जीवन की डोर टूट गई। दोनों ही स्थानों पर जो परिवारों के करुण क्रंदन का जो मंजर था उससे सभी की आंखों में आंसू आ गए। देर शाम शहर और कुरावली में सभी शवों को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि मैनपुरी से बिल्हौर निकाह में शामिल होने जा रहे दो परिवारों की स्कार्पियो गाड़ी सोमवार की दोपहर डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई थी। इनमें चार लोग शहर के मोहल्ला महमूद नगर के रहने वाले थे। वहीं तीन बच्चे कुरावली के मोहल्ला नगरा चैनी के थे। मंगलवार को जब शव पहुंचे तो परिवारीजनों का करुण विलाप सुनकर मौके पर मौजूद लोगों के आंसु आ गए। चार शवों को मोहल्ला महमूद नगर में ही रखा गया। वहीं तीन बच्चों के शव कुरावली के मोहल्ला नगला चैनी भेज दिए गए। जो हालात महमूद नगर में थे। वहीं कुरावली में भी हुए। महमूद नगर निवासी इरशाद, पत्नी अंजुम और उनके पुत्र शादाब और असद के शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। हादसे में इरशाद का पूरा परिवार ही खत्म हो गया। हर कोई मृतक के अन्य परिवारीजनों को ढांढस बंधा रहा था। मगर अपनों को खोने का गम शायद उनके आंसू नहीं रोक सका। वहीं कुरावली निवासी उनके साढ़ू आरिफ उर्फ गुड्डू व उनकी पत्नी तबस्सुम का सैफई में इलाज चल रहा है। जबकि उनके तीन बच्चों जूबिया, हमजा, अक्शा की हादसे में मौत हो चुकी है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अभी तक आरिफ और उनकी पत्नी तबस्सुम को हादसे में तीन बच्चों की मौत की जानकारी नहीं दी गई है। जैसे ही बच्चों के शव घर पहुंचे वहां चीखपुकार मच गई।
पूरा परिवार एक साथ मौत की नींद सोया
मोहल्ला महमूद नगर निवासी इरशाद का पूरा परिवार हादसे में एक साथ मौत की नींद सो गया। हादसे में वह स्वयं, उसकी पत्नी अंजुम और दोनों बेटों शादाब और असद की भी मौत हो गई। लोग कह रहे थे कि पूरे परिवार में कोई कंधा देने वाला तक नहीं बचा है।