बाईपास स्थित लक्ष्मी शीतगृह पर गुरुवार की सुबह आलू खराब होने से नाराज किसानों ने बरेली-ग्वालियर हाइवे जाम कर किया। पुलिस ने किसानों और शीतगृह संचालक से बात कराई। संचालक ने किसानों की समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया तब जाकर जाम खोला।
गुरुवार को लक्ष्मी शीतगृह पर खेत में बुवाई के लिए आलू का बीज निकालने पहुंचे किसानों का गुस्सा तब बढ़ गया जब बोरों में आलू जमे और उनमें बड़े-बड़े किलले निकले हुए मिले। जब शीतगृह संचालक से बात की तो उसने किसी भी तरह की मदद करने से इंकार कर दिया। इससे गुस्साए किसानों ने बरेली-ग्वालियर हाइवे पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। हाईवे जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहले तो किसानों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन किसान हाईवे से हटने को तैयार नहीं हुए। थानाध्यक्ष एसआर गौतम ने किसानों की शीतगृह संचालक वीरेंद्र सिंह यादव से बात कराई। आधा घंटे बाद किसानों ने जाम तो खोल दिया मगर उनका गुस्सा शांत नही हुआ। किसान शीतगृह के अंदर हंगामा करने लगे। शीतगृह के अंदर वीडियो ग्राफी कराई। थानाध्यक्ष ने किसानों से कहा अंदर रखा आलू अस्सी प्रतिशत आलू खराब हो गया है। नुकसान मालिक व किसान दोनों का हुआ है। उन्होंने किसानों से पांच सदस्यीय टीम बनाकर संचालक से वार्ता करने को कहा। संचालक का कहना है भंडार संख्या दो में दस हजार आलू के पैकेट रखे गए थे। जिसमें से करीब पांच हजार पैकेट आलू किसान ले जा चुके है। करीब पांच हजार पैकेट भंडार गृह के अंदर है। किसानों की समस्या का समाधान करा जाएगा। किसानों ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज संचालक ने आलू का किराया पहले ही जमा करा लिया है। जब तक हमारे नुकसान की भरपाई नहीं होगी किसान हंगामा करेंगे। इस मौके पर जयवीर, अनुज कुमार, दिनेश सिंह, नरेश कुमार, मलिखान, सरदार सिंह, श्याम चौहान, अखिलेश सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे।