मध्यप्रदेश में बुधवार रात को नेशनल हाईवे पर पजेरो और कंटेनर में हुई भिड़ंत में दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव फूलसहाय निवासी छह लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह जब शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार किया गया तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। मृतक सतेंद्र की मां को दिवंगत पिता के समीप मुखागिभन दी गई। गांव में मातम छाया है।
उल्लेखनीय है कि थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव फूलसहाय कुचेला निवासी सतेंद्र सिंह जादौन पत्नी खुशी मां ऊषा देवी के साथ मंगलवार को देवास बीमार चाचा भीष्म सिंह को देखने गए थे। भीलवाड़ा में रह रहे बहनोई अजय सिंह और बहन ममता और चाचा भंवर पाल को साथ लेकर सभी देवास के लिए रवाना हुए थे। बुधवार की रात सभी ने नीमच के समीप एक ढाबा पर खाना खाया। जैसे ही सभी पजेरो में बैठकर कुछ दूर चले थे तभी नेशनल हाईवे पर कंटेनर से भीषण भिडंत में सभी छह लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे सभी मृतकों के शव गांव पहुंचे तो घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
मृतक भंवरपाल की दिव्यांग पत्नी रानी और तीन पुत्रियां अंजली (16), बिट्टू (16) और श्रद्धा (09) का रो-रोकर बुरा हाल है। सतेंद्र के बहनोई अजयपाल और बहन ममता की मौत के बाद पुत्र हिमांशु और पुत्री शिवानी के सिर से मां बाप का साया हट गया है। शुक्रवार को गांव में गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार किया गया। सतेंद्र की मां ऊषादेवी की चिता दिवंगत पिता के समीप खेत में जलाई गई। अन्य पांच शवों का एक स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया।
जनप्रतिनिधि भी पहुंचे
गांव फूलसहाय में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद शुक्रवार सुबह शव गांव लाए गए। सांत्वना देने भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवदत्त भदौरिया, अरविंद तोमर, पूर्व विधायक अशोक चौहान, सुमित चौहान और करहल विधायक सोबरन सिंह गांव पहुंचे। पूर्व राज्यमंत्री जयवीर सिंह ने फोन पर बताया कि पुत्र की शादी आयोजन के चलते वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। वह जल्द ही गांव आकर मृतक परिवारीजनों से मिलेंगे।