एटा। क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और कर व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए नगर पालिका ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के सभी 25 वार्डों में मौजूद भवनों का हाईटेक ड्रोन सर्वे कराया जाएगा। जीआईएस तकनीक पर आधारित यह सर्वे संपत्ति कर निर्धारण को भी अधिक सटीक और प्रभावी बनाएगा।नगर पालिका के कर निर्धारण अधिकारी जगजीवन राम ने बताया कि इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही चयनित एजेंसी सर्वेक्षण कार्य शुरू कर देगी। उन्होंने बताया कि यह सर्वे शहर में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए किया जाने वाला महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे आने वाले समय में शहरी विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।
ड्रोन कैमरों के माध्यम से शहर के प्रत्येक वार्ड की हर संपत्ति को हाई-रिजॉल्यूशन मैप पर चिह्नित किया जाएगा। इससे भवन की लोकेशन, आकार, ऊंचाई और उपयोग जैसी जानकारियां सटीक रूप से रिकॉर्ड में दर्ज होंगी। बताया कि पारंपरिक सर्वेक्षण विधियों की तुलना में यह प्रक्रिया बेहद तेज और त्रुटि रहित होगी। शहर में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माणों पर नियंत्रण इस सर्वे का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। जीआईएस मैपिंग और ड्रोन द्वारा ली गई तस्वीरें यह स्पष्ट कर देंगी कि किन स्थानों पर अनुमोदन के बिना निर्माण हुए हैं तथा किन क्षेत्रों में भवन उपविधियों का उल्लंघन हो रहा है। नगर पालिका इन आंकड़ों के आधार पर तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।
राजस्व बढ़ाने में मिलेगी मदद
नगर पालिका में कई संपत्तियां अब तक कर दायरे से बाहर हैं या गलत कर श्रेणी में दर्ज हैं। ड्रोन सर्वे के बाद पूरी शहर की संपत्ति सूची अपडेट होगी जिससे टैक्स का सही निर्धारण संभव हो सकेगा। इससे नगर पालिका की राजस्व व्यवस्था मजबूत होगी और विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। सर्वे का दायरा केवल भवनों तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना के लिए विशेषीकृत एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है जो अत्याधुनिक ड्रोन और सॉफ्टवेयर तकनीक का उपयोग कर पूरे शहर का विस्तृत मैप तैयार करेंगी। नगर पालिका का कहना है कि ड्रोन सर्वे पूरा होने के बाद शहर का एक व्यापक डिजिटल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा जो आने वाले वर्षों तक विकास का आधार बनेगा।