उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में सरकारी डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रसव के बाद कॉटन निकाले बिना ही महिला को टांके लगा दिए। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। पति ने निजी डॉक्टर को दिखाया। यहां टांके काटे गए तो शरीर के अंदर कॉटन निकला। पीड़िता के पति ने मंगलवार को डीएम से शिकायत कर आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला एलाऊ थाना क्षेत्र के अजीतगंज गांव का है। गांव निवासी गौरव सिंह ने मंगलवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। बताया कि 26 फरवरी को उसने पत्नी खुशबू को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर उसने उसे सौ शैया मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया। यहां 26 फरवरी को दिन में 12 बजकर आठ मिनट पर उसकी पत्नी को प्रसव कराया गया।
बताया कि डॉक्टर और स्टाफ ने बताया कि प्रसव सामान्य हुआ है, लेकिन उसकी पत्नी को 25 टांके आए हैं। बताया कि सामान्य प्रसव का समय 48 घंटे का है। लेकिन, उसकी पत्नी को छह दिन तक अस्पताल में रखा गया। छह दिन बाद उसकी पत्नी की अस्पताल से छुट्टी हुई। डॉ. सपना ने उसे घर ले जाने की सलाह दी। साथ ही पांच दिन की दवा लिख दी।
डॉ. वर्तिका ने किया उपचार
इसके बाद पत्नी की हालत लगातार बिगड़ रही थी। पांच दिन बाद वह उसे लेकर फिर अस्पताल पहुंचा। यहां डॉ. वर्तिका ने उपचार किया। बताया कि उसकी पत्नी को इंफेक्शन हो गया है। दो दिन बाद फिर से वह डॉ. सपना के पास पहुंचा। उन्होंने भी बताया कि इंफेक्शन बढ़ रहा है।
बताया कि हालत बिगड़ने पर वह पत्नी को कचहरी रोड स्थित एक निजी डॉक्टर के यहां दिखाया। यहां डॉक्टर ने हालत देखी तो उन्हें शक हुआ। बताया कि शायद प्रसव के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई है। जब टांके काटे गए तो पता चला कि एक कॉटन प्रसव के दौरान पीड़िता के शरीर में ही छोड़ दिया गया था।
प्रसव कराने को दो हजार रुपये भी लिए गए
गौरव ने बताया कि प्रसव के दौरान अस्पताल में दो हजार रुपये भी लिए गए। इसके बाद भी इतनी बड़ी लापरवाही की गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर लापरवाह डॉक्टर व स्टाफ के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। शिकायती पत्र नहीं मिला है। सीएमएस से पूरे मामले की जांच कराकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।