मैनपुरी। प्रशासन की लगातार चेतावनी के बाद भी बैंक कर्मी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान मेंं सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर बुधवार को बैठक कर डीएम अंजनी कुमार सिंह ने नाराजगी जताई। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बैंक शाखाओं को भेजे गए आवेदन पत्रों की स्वीकृति, ऋण वितरण की बैंक शाखावार समीक्षा की।
डीएम ने कहा कि कुछ बैंकर्स द्वारा पत्रावलियों को अकारण निरस्त किया जा रहा है। कुछ पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण वितरण में विलंब किया जा रहा है। कई शाखाओं में अभी पत्रावलियां स्वीकृति के लिए लंबित हैं। प्रेषित पत्रावलियों को प्राथमिकता पर स्वीकृत कर युवाओं को ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। 1700 वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष विभिन्न बैंक शाखाओं में 3970 आवेदन भेजे गए। बैंकर्स द्वारा 1168 आवेदन स्वीकृत कर 1068 पर ऋण वितरण किया गया। सबसे खराब प्रगति एचडीएफसी, आईडीबीआई, आईसीआईसीआई, एक्सिस बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक की है। बैंक ऑफ इंडिया ने 684, भारतीय स्टेट बैंक ने 480, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त ने 330, पंजाब नेशनल बैंक ने 108 एवं कैनरा बैंक ने 85 पत्रावलियों को निरस्त किया है।
डीएम ने कहा कि बैंकर्स बिना किसी कारण आवेदन को निरस्त न करें। बल्कि उन्हें स्वीकृत कर ऋण वितरण में दिलचस्पी दिखाएं। बैंकों ने ऋण वितरण में लापरवाही की है। बैंक प्रबंधकों को हिदायत दी कि आवंटित लक्ष्यों को समय से पूर्ण करें। डिप्टी कलक्टर ध्रुव शुक्ला, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंद्र मौजूद रहे।