सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित एआरटीओ कार्यालय पर डीएम ने अचानक छापा मारा। इससे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय में मौजूद दलाल अपने बस्ता फेंककर भाग खडे़ हुए। वहीं एआरटीओ नदारद थे। दलालों के आधा दर्जन वाहनों को पुलिस कोतवाली ले गई। डीएम लोकेश एम ने करीब एक घंटा तक कार्यालय में दस्तावेज चैक किए। इस दौरान उन्हें कार्यालय में कई कमियां मिलीं। उन्होंने कहा कि यहां मिली कमियों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
कलक्ट्रेट परिसर स्थित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय पर लाइसेंस बनवाने के नाम पर वसूली की शिकायत और दलालों की बढ़ती सक्रियता की शिकायत पर डीएम लोकेश एम ने कार्यालय पर दोपहर करीब एक बजे छापामार कार्रवाई की। अचानक कार्यालय पहुंचे डीएम को देखकर परिसर में मौजूद दलालोें में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अपने बस्ते इधर-उधर फेंककर भागने लगे। डीएम ने यहां कई लोगों से पूछताछ की इसके बाद वह कार्यालय पहुंचे, यहां एआरटीओ मौजूद नहीं थे। उन्होंने वरिष्ठ लिपिक आरएस राही से कागजातों और लाइसेंस प्रक्रिया की जानकारी ली। सही जानकारी न देने पर फटकार लगाई। कार्यालय में लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में रक्त जांच की गलत रिपोर्ट दिए जाने की शिकायत पर कागजातों की जांच की। डीएम ने परिसर में खड़े दलालों के वाहनों को कोतवाली में ले जाने के आदेश दिए। डीएम ने बताया कि जांच के दौरान कई कमियां पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेज दी जाएगी।
आधा घंटा बाद पहुंची पुलिस
मैनपुरी। एआरटीओ कार्यालय में छापामार कार्रवाई करने पहुंचे डीएम ने कंट्रोल रूम को पुलिस भेजे जाने की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस करीब आधा घंटा बाद पहुंची। इस दौरान परिसर में मौजूद कई दलाल यहां से भाग गए। देरी से पहुंची पुलिस परिसर में करीब पांच वाहनों को क्रेन की मदद से थाने ले आई।
एक दलाल हिरासत में लिया, 12 के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा
मैनपुरी। दलालों के पास सभी अभिलेख उपलब्ध मिले। मौके पर तीन दलालों के पास से रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस के कागज मिले, जिसमें कुछ पूर्ण कुछ अपूर्ण थे। एक दलाल को मौके पर हिरासत में लिया गया। पांच दलालों के वाहनों को धारा 207 में सीज कर कोतवाली भेजा गया। 12 अन्य लोगों को भी नामजद किया है। इनके विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
डीएम लोकेश एम ने एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के पंजीकरण में बरती जा रही अनियमितताओं पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी घनश्याम, आरटीओ प्रदीप कुमार के विरुद्ध परिवहन आयुक्त को पत्र लिखे जाने के निर्देश दिए। जांच के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस के जो अभिलेख मौके पर मिले उनमें न्यू मार्डन पैथोलॉजी, पुनीत पैथोलॉजी सेंटर के ब्लड ग्रुप की जांच रिपोर्ट संलग्न है, जिनमें अधिकांश प्रविष्टियां गलत थीं। मौके पर मौजूद युवक मनीष ने बताया कि ब्लड ग्रुप की रिपोर्ट कार्यालय के बाहर मौजूद दलालों द्वारा पांच मिनट में तैयार कर उपलब्ध कराई जाती है। इस पर डीएम ने कार्यालय के स्टाफ की मिलीभगत पर कार्रवाई करने की बात कही।