शहर में कई जगहों पर कूडे़ के ढेर जलाए जा रहे हैं। पालिका इस पर ध्यान नहीं दे रही है। वहीं जलते कूडे़ से उठते धुएं की चादर न सिर्फ वातावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रही हैं।
नगर पालिका क्षेत्र में शहर के 25 वार्ड आते हैं। कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका प्रशासन द्वारा शहर भर में चयनित 150 स्थानों पर कूडे़दान रखवाए गए हैं। इन कूड़ेदानों पर पालिका ने लगभग 33 लाख रुपये व्यय किए। उसके बाद भी लोग इस सुविधा का सदुपयोग नहीं कर रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर लोगों द्वारा कूडे़दान में कचरा डालकर उसमें आग लगा दी जाती है। अधिशासी अधिकारी रामपाल यादव का कहना है कि लोगों द्वारा ऐसा किए जाने से कूडे़दान तो बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ ही धुएं की वजह से वातावरण पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था
मैनपुरी। नगर पालिका में कूड़ा निस्तारण करने के लिए कूडे़दान 150, डंपर दो, ट्रैक्टर चार, ट्रक तीन, लोडर दो, सफाई कर्मी लगभग 212 हैं।
क्षमता से ज्यादा निकल रहा कूड़ा
मैनपुरी। नगर पालिका द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर में कूड़ा निस्तारण का प्लांट स्थापित कराया गया है। इसकी क्षमता 40 टन प्रतिदिन की है। वहीं शहर में प्रतिदिन 50 से 60 टन कूड़ा शहर से निकल रहा है। उनका कहना है कि कम क्षमता होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। पालिका प्रशासन ने क्षमता बढ़ाए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
कैसे हो पाए सफाई
मानक के अनुसार 350 लोगों यानी 60 मकानों के बीच एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। वर्तमान समय में यह व्यवस्था शहर में पूरी नहीं हो पा रही है। बाजार में दुकानदारों द्वारा कूड़ा सड़कों पर फेंका जा रहा है। इस पर भी पाबंदी नहीं लग पा रही है।
कूड़ा जलाने से वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा है। हाल ही में सभी ने स्मॉग के रूप में इसके दुष्परिणाम भी देखे हैं। दोबारा ऐसे हालात न बनें, इसके लिए अपील की गई है कि खुले में कूड़ा न जलाएं।
सचिन पिपिल
सभासद दक्षिणी छपट्टी।
लोग निर्धारित जगह को छोड़कर सड़क पर कूड़ा फेंक रहे हैं। कचरा में ही आग लगा दी जाती है। इससे उठने वाला धुआं सेहत पर असर डाल रहा है। शहर को स्वच्छ रखने के साथ खुले में कचरा जलाने की लोगों से अपील की गई है। अब वह कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर नोटिस जारी करेंगी।
साधना गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद