उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बीमारियां भारी पड़ रही हैं। बुखार, डायरिया के साथ अस्थमा के मरीजों की दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में अलग-अलग क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह में 14 मरीजों की मौत हुई है, जबकि 28 मरीजों को जिला अस्पताल से रेफर किया गया है। 311 मरीज एक सप्ताह में जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले में पिछले तीन महीने से स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। लेकिन जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर मौसमी बीमारियां भारी पड़ रही हैं। एक सप्ताह में बीमारियों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिला अस्पताल में ही बुखार, डायरिया, सर्दी, जुकाम और अस्थमा के 311 मरीज भर्ती कराए गए हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से 1300 मरीज प्राथमिक उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें मौसमी बीमारियां से पीड़ित मरीजों की संख्या 600 से अधिक होती है। यदि समय रहते विभाग ने पुख्ता इंतजाम नहीं किए तो मौसमी बीमारियां जिले के लोगों पर कहर बन सकती हैं।
तीन महीने में लगे 110 शिविर
ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग ने कोई पहल नहीं की है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की पहल का कुछ असर नहीं आ रहा है। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता के निर्देश पर पिछले तीन महीने में जिले में 110 शिविर अब तक लगाए जा चुके हैं। इसके बाद भी बीमारियां लगातार बढ़ रही हैं। विभाग की पहल का असर दिख नहीं रहा है। इसके लिए कहीं न कहीं विभाग की पहल में झोल नजर आ रही है।
जलभराव और गंदगी बन रही समस्या
मौसमी बीमारियों के रोकने में स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या जलभराव और गंदगी बन चुका है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई सूची के अनुसार जिले के 257 गांव और शहर के 25 वार्ड डेंगू और मलेरिया के लिए संवेदनशील हैं। यहां जलभराव और गंदगी व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बार-बार संबंधितों को सूचना देने के बाद भी यहां सुधार नहीं दिख रहा है यही कारण है कि जिले में मौसमी बीमारियां कहर बनती जा रही हैं।
बीमारियों की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। तीन महीने में 110 शिविर लगाए जा चुके हैं। लोगों से अपील है कि वे जागरूक बनें और बीमारियों से बचाव के लिए सजग रहें।
-डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ