धरती पुत्र मुलायम सिंह यादव के गढ़ में ही अन्नदाता का बुरा हाल है। दैवी आपदा के बाद मुआवजा पाने के लिए जिले में अभी भी 76178 किसान भटक रहे हैं। मुआवजे के लिए जिले से मांगी गई धनराशि में से आधी धनराशि ही शासन से भेजी गई है। शुक्रवार को प्रदेशभर में चौ. चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। उनकी राजनीतिक विरासत पर मुलायम सिंह यादव दावा ठोंकते रहे हैं। सपा समर्थकों और राजनीतिक हलकों में धरतीपुत्र के नाम से विख्यात मुलायम सिंह यादव के गढ़ में किसान प्राकृतिक आपदा में बर्बाद हुई फसलोें के मुआवजे के लिए भटक रहे हैं।
किसान दिवस पर किसानों के हितों के लिए लंबी चौड़ी बातें करने वाले नेता और अधिकारी किसानों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। यही वजह है कि जिले में अभी भी 76178 किसान मुआवजा पाने के लिए भटक रहे हैं। मैनपुरी तहसील क्षेत्र में 814, भोगांव में 26140, करहल में 13315, किशनी क्षेत्र में 35909 किसान अभी भी मुआवजा पाने से वंचित चल रहे हैं। किसान यूनियन द्वारा इसे लेकर कई बार धरना प्रदर्शन तक किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा मिली मुआवजा की धनराशि पीड़ित किसानों को वितरित कर दी गई है।
दैवी आपदा से जिले में प्रभावित हुए किसानों को संबंधित लेखपालों की रिपोर्ट के बाद पीड़ितों को शासन द्वारा स्वीकृत कराई गई मुआवजा राशि वितरित कराई जाती है। ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से पीड़ित किसानों के लिए प्रशासन द्वारा मांगी गई 140 करोड़ 64 लाख 30 हजार रुपया के सापेक्ष शासन द्वारा केवल 84. 50 करोड़ रुपया ही उपलब्ध कराया गया है। यह राहत राशि प्रशासन द्वारा संबंधित किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है।
मुआवजा राशि
तहसील मांग वितरण
मैनपुरी 591880500 346250000
भोगांव 388719000 231250000
करहल 270310500 161250000
किशनी 155520000 106250000
किसानों ने नहीं निकाली धनराशि
मैनपुरी। मुआवजा राशि पाने के बाद भी कई किसानों ने अपने खातों से रुपये नहीं निकाले हैं। जिसके चलते तहसील के बैंक खातों में अभी भी धनराशि पड़ी है। इसमें मैनपुरी तहसील में 821, भोगांव में 7061, करहल में 1001761, किशनी में 4252517 रुपये अभी भी आपदा राहत राशि के शेष पड़े हुए हैं।