बीते 13 दिनों में जिले में अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाओं में करोड़ों की संपत्ति जलकर राख हुई है। खेतों में लगी आग से किसानों को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ा है। कई स्थानों पर दमकल तो कहीं ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया है।
मार्च महीने से ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तेज धूप और जर्जर विद्युत केबलों के चलते बीते 13 दिनों में करीब 17 से अधिक स्थानों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं, जिनमें करोड़ों की संपत्ति व फसल जलकर बर्बाद हो चुकी है।
बता दें कि 28 मार्च को औंछा क्षेत्र के जसराना मोड़ पर किसान गोवर्धन के खेत में बिजली का तार टूटकर गिर गया। जिससे कई बीघा फसल जलकर राख हो गई।
29 मार्च को बिछवां के गांव जगतपुर में सिलेंडर में आग लगने से महिला समेत दो लोग झुलस गए। घर में रखी कीमती सामान जलकर राख हो गया।
30 मार्च की रात थाना कोतवाली क्षेत्र के राधारमन रोड स्थित जोगमाया कलेक्शन में लगी भीषण आग में करीब एक करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ।
अप्रैल की शुरुआत के साथ दो तारीख को बरनाहल, कुरावली और दन्नाहार क्षेत्र में पांच स्थानाें पर आग लगी। तीन किसानों के खेत में खड़ी कई बीघा फसल जलकर राख हो गई।
तीन अप्रैल को बिछवां में दो बीघा, घिरोर के गांव केशोरायपुर में करीब चार बीघा खेत में खड़ी फसल जल गई।
थाना कोतवाली क्षेत्र के कुम्हार मंडी में एक दुकान में आग लगने से लाखों का नुकसान हुआ।
चार अप्रैल को कुरावली के गांव खिरना, दन्नाहार के गांव पुखरा, नगला सभा में खेत में बिजली का तार टूटकर गिरने से लगी आग में कई बीघा फसल जल गई।
पांच को अजीतगंज और औंछा क्षेत्र में करीब 13 बीघा, छह को बिछवां एलाऊ में 10 बीघा और
सात अप्रैल को दन्नाहार-औंछा में करीब 11 बीघा फसल जलकर राख हुई है।
इसके अलावा भी कई स्थानों पर छिटपुट आगजनी की घटनाओं में लाखों की संपत्ति और फसल का नुकसान हुआ है।
दमकल पर पर्याप्त संसाधन की कमी
गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इनसे निपटने के लिए दमकल विभाग के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। महज पांच वाहन है जिनमें एक बड़ी और छोटी गाड़ी जिला मुख्यालय पर, तीन अन्य गाड़ियां करहल, किशनी व कुरावली क्षेत्र में रहती हैं। इसके अलावा शहर में अधिकतर वाटर हाइड्रेड पाइंट जमींदोज हो चुके हैं। तीन से चार स्थानों पर ही पानी लेने की पर्याप्त व्यवस्था है।
- कई बार संसाधनों की कमी से अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। फिर से रिमांडर भेजा गया है, जल्द ही संसाधन मिलने की उम्मीद है।
- मनू शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मैनपुरी