लखनऊ रवाना होने से पहले जिलाध्यक्ष अनीता देवी ने कहा कि कार्यरत रसोईयों
की हर वर्ष की जाने वाली चयन प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। चयन प्रक्रिया
में पिछले सत्र में कार्यरत रसोईयों का ही चयन किया जाए। उनके बच्चों को
संबंधित विद्यालयों में पढ़ने की अनिवार्यता समाप्त की जाए। एमडीएम योजना
को ठेकेदारी करने से रोका जाए। साथ ही मानदेय बढ़ाने की भी बात कही।
मंडल अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने कहा कि मानदेय का भुगतान महीने के प्रथम सप्ताह में निजी खाते में किया जाए। रसोइयों का बीमा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से अपनी मांगों को मनवाकर रहेंगे। जिले से लगभग छह सौ रसौईयां कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए और मांगें मनवाने के लिए लखनऊ रवाना हुईं। इनमें विजयानी, कुंतीदेवी, विनीता देवी, सुनीता देवी, पूजा, रतनेश देवी, राजेंद्री, मीना, राजकुमारी, पुष्पा, मालती, विशुन देवी आदि शामिल थी।