जिला कारागार में हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की मंगलवार सुबह जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिवारीजनों ने कारागार प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने और मौत की सूचना न देने का आरोप लगाया।
थाना कुरावली क्षेत्र के मोहल्ला कानून गोयान निवासी राजेश पाटिल वर्ष 2002 में कस्बा निवासी बबलू की हत्या में मुख्य आरोपी बनाया गया था। उसके अलावा एक अन्य अभियुक्त संजू यादव की घटना के कुछ समय बाद मौत हो गई थी। उक्त मामले में थाना पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट ने 18 अक्तूबर 2010 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वर्तमान में वह जिला कारागार में सजा काट रहा था। सोमवार रात तबियत बिगड़ने पर गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई। हालांकि जेल प्रशासन ने इसकी जानकारी परिवारीजनों को नहीं दी। अस्पताल में मौजूद एक व्यक्ति ने फोन पर मृतक के घरवालों को बताया। सुबह अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों ने कारागार प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि जिला कारागार से न तो बीमार होने और न ही राजेश की मौत की सूचना दी। परिवारीजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
कैदी की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उपचार के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की गई।
बीके सिंह, जेल अधीक्षक