मृत महिला दो माह बाद मिली जीवित
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करीब दो माह पूर्व दहेज हत्या के मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब मृत बताई गई विवाहिता जीवित पुलिस के सामने आ गई। सितंबर माह में गैलानाथ नहरपुल के समीप एक विवाहिता का शव मिलने के बाद मायके पक्ष की ओर से शिनाख्त कर पति समेत अन्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर्राई गई थी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान महिला के सामने आने पर अब पुलिस के सामने बरामद अज्ञात शव का रहस्य गहरा गया है।
बता दें कि थाना क्षेत्र के गैलानाथ नहरपुल के समीप 29 सितंबर की सुबह एक 28 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिला था। महिला के शरीर पर 11 स्थानों पर चाकुओं के निशान थे। पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इसी दौरान कन्नौज के थाना विशुनगढ़ के गांव खरौली निवासी बलवीर ने अज्ञात महिला की शिनाख्त पुत्री संगीता के रूप में की थी। तहरीर देकर कहा था कि आठ वर्ष पूर्व पुत्री का विवाह एटा के गांव बवरौली निवासी सोमवीर के साथ किया था। शक में पति, उसके भाई अरविंद, भाभी सरोज, लालू उर्फ नरेंद्र ने पुत्री की हत्या कर दी और शव को फेंक दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
गुरुवार सुबह आसपुर पर गश्त के दौरान पुलिस को एक महिला दिखाई दी। पूछताछ में उसने अपना नाम संगीता बताया। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि यह वही महिला है जिसकी हत्या होना बताकर पति समेत अन्य ससुरालीजनों के विरुद्ध थाने में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस महिला को लेकर थाने पहुंची और परिवारीजनों को भी सूचना दे दी।
थानाध्यक्ष का कहना है कि अब जांच की दिशा को बदल दिया गया है। मायके पक्ष ने झूठी शिनाख्त क्यों की इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पति से परेशान होकर प्रेमी संग रह रही थी
पुलिस की पूछताछ में संगीता ने बताया कि पति के मारपीट और शक करने की आदत से परेशान होकर वह घर से भाग गई थी। वह इस समय प्रेमी सौरभ कुमार निवासी गांव पुरावं मलावन एटा जो दिल्ली में काम कर रहा है उसी के साथ रह रही थी।