थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव रामनगर में सोमवार रात प्रधान पुत्र ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दलित महिला को मौत के घाट उतार दिया। गोली लगने से मासूम समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को सैफई रेफर किया है। सूचना मिलते ही आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। हत्याकांड की वजह होली के दिन चबूतरा लीपने से इंकार करना बताया जा रहा है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वहीं गांव में पुलिसबल तैनात कर दिया है।
गांव रामनगर निवासी नाथूराम जाटव सोमवार रात घर में पत्नी व बच्चों के साथ बैठा हुआ था। तभी महिला ग्राम प्रधान उर्मिला देवी, उसका पुत्र मोनू यादव बाबा 8-10 साथियों के साथ असलाह लेकर घर में घुस आया। बिना समय गंवाए हथियारबंद लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से नाथूराम की पत्नी गिरिजा देवी (55) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गोली लगने से नाथूराम (65), बहू कुसमा देवी (30) और कुसमा का दो वर्षीय पुत्र आशिक गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बोलेरो से भाग निकले। वहीं, गोलियाें की आवाज सुनकर गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने घर के दरवाजे बंद कर लिए। बाद में घटना की जानकारी होने पर गांव पहुंची पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घायलों को रात में ही अस्पताल से सैफई रेफर कर दिया।
मृतका के पुत्र श्रवण ने बताया कि होली पर प्रधान ने चबूतरा लीपने के लिए मिट्टी डालने को कहा था। उसने इंकार कर दिया था। इसी वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। एसपी सुनील कुमार सक्सेना, एएसपी शिष्यपाल सिंह, सीओ सिटी राजेश चौधरी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मृतका के पुत्र की तहरीर पर ग्राम प्रधान व उसके पुत्र समेत नौ लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो को कब्जे में ले लिया है।
पुलिस करती सुनवाई तो शायद नहीं होती हत्या
गांव रामनगर में दलित महिला की गोली मारकर हत्या की घटना रोकी जा सकती थी। अगर पुलिस समय पर पीड़ित पक्ष की सुनवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करती।
मृतका के पुत्र श्रवण कुमार की मानें तो होली के दिन चबूतरा लीपने की मना करने के बाद प्रधान पुत्र रंजिश मान बैठा था। उसके बाद 18 मार्च को जब घर के बच्चे गांव में बेर तोड़ने गए थे तब उसने व परिवारीजनों ने बच्चों के साथ मारपीट की। बीच बचाव करने गई मां और पत्नी को भी पीटा था। इसकी शिकायत उसने भांवत चौकी में की मगर पुलिसकर्मियों ने शिकायती पत्र लेकर भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद वह थाना एलाऊ भी गया वहां भी शिकायत को रख लिया गया। श्रवण का कहना है कि सोमवार रात को घटना के दौरान वह जान बचाकर भाग गया था। कई बार पुलिस को फोन किया मगर पुलिस नहीं आई। 9:30 बजे की घटना के बाद करीब 11 बजे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तब तक आरोपी पकड़ से दूर निकल चुके थे। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है। अगर समय रहते छोटे विवाद में पुलिस दोनों पक्षों की बात सुनकर कार्रवाई करती तो घटना को रोका जा सकता था।
दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी बनाए गए एक व्यक्ति का मृतका के परिवारीजनों से रुपये के लेनदेन को लेकर होली के दिन विवाद हुआ था। वहीं पुलिस ने मौके से एक खोखा भी बरामद किया है।
इनके विरुद्ध हुई एफआईआर
मृतका के पुत्र श्रवण कुमार ने ग्राम प्रधान उर्मिला यादव, प्रधान पुत्र मोनू यादव, मोनू की पत्नी, पूरन सिंह, पूरन की पत्नी, रिंकू यादव, टिंकू यादव, शिशुपाल यादव और रजनेश यादव के विरुद्ध हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे।
- सुनील सक्सेना, एसपी मैनपुरी