थाना क्षेत्र के गांव घनश्यामपुर निवासी सगे चाचा की सोमवार सुबह बंटवारे से नाराज भतीजों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस दौरान मृतक के पुत्र को भी जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो भतीजों सहित तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। वहीं थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना औंछा क्षेत्र के गांव घनश्यामपुर निवासी शिशुपाल यादव (65) दीवानी में अधिवक्ता के मुंशी थे। वे तीन भाई थे, जिसमें एक भाई किताब सिंह की मौत हो चुकी है। दूसरा भाई नेकराम मृतक के साथ ही रहता था। शिशुपाल के भतीजे राम प्रवेश और अवधेश को ये बात लंबे समय से चुभ रही थी। कुछ समय पहले परिवार में जमीन और मकान के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ था। रविवार को घर में मौजूद रिश्तेदारों ने तीनों भाइयों का बराबर हिस्सा कर दिया, लेकिन रामप्रवेश और देवेंद्र को बंटवारा शायद पसंद नहीं आया। जाते-जाते वो चाचा को जान से मारने की बात कह गए।
सोमवार सुबह रोजाना की तरह सुबह करीब 8:30 बजे जब शिशुपाल दीवानी जाने के लिए निकले, तभी गांव किचौरा के समीप बाइक पर सवार भतीजे रामप्रकाश, अवधेश ने साथी देवेंद्र निवासी ग्राम बुर्रा कोतवाली ने उनका रास्ता रोक लिया। बिना समय गंवाए उक्त आरोपियों ने शिशुपाल की कनपटी पर गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद बाइक लेकर भाग गए। सूचना मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष औंछा ने बताया कि परिवारीजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है, जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपी के सहयोगी की तलाश में दी दविश
मैनपुरी। चाचा की हत्या करने वाले भतीजों के साथ मौजूद थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव बुर्रा निवासी देवेंद्र की तलाश में पुलिस ने आरोपी के घर दविश दी, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। थानाध्यक्ष का कहना है कि शीघ्र ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुत्र को भी है जान का खतरा
मैनपुरी। मृतक शिशुपाल यादव के पुत्र अरविंद ने बताया कि आरोपियों ने जब पिता को पकड़ा तो वो कुछ ही कदम की दूरी पर था। आरोपियों ने उसके सामने ही पिता को गोली मारी है। उसे जान से मारने की धमकी भी दी है। चश्मदीद गवाह होने की वजह से आरोपी अब उसकी जान भी ले सकते हैं।
आरोपी पहले प्रयास में हुए थे नाकाम
मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में शिशुपाल के हत्यारों ने कुछ घंटे पूर्व भी उसकी हत्या का जाल बुना था, लेकिन शिशुपाल बच गया। मृतक के पुत्र अरविंद ने बताया कि भाइयों ने किसी से फोन पर पिता को सूचना दिलवाई की आरोपी नहर में कूदकर जान देने जा रहे हैं। अगर पिता उसी समय उन्हें रोकने जाते तो शायद तभी उनकी हत्या कर दी जाती।