बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के कुचेसर रोड चौपला पर हुई घटना
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दिल्ली के हरीनगर में एक सराफ के घर से लाखों की नकदी और जेवर चुराकर भागे नौकर की तलाश में पुलिस ने नगर में छापा मारा। नौकर के घर में नहीं मिलने पर पुलिस उसके मां बाप को पूछताछ के लिए साथ ले गई है।
दिल्ली के हरीनगर निवासी गुरुप्रीत सिंह का हरीनगर मार्केट में सोने के आभूषणों का खालसा शोरूम है। वह आभूषण बनाने और आर्डर पर डिलीवरी का काम करते हैं। उनके यहां कासगंज का सुधाकर लोधी नौकरी करता है। दो साल पहले सुधाकर की सिफारिश पर गुरुप्रीत सिंह ने सुधाकर के मौसेरे भाई सुल्तान सिंह राजपूत निवासी मैनपुरी रोड भोगांव को भी नौकरी पर रख लिया था। वह मालिक की कार भी चलाने लगा था। सुल्तान ने अपने व्यवहार से मालिक का भरोसा जीत लिया। वह अक्सर बैंक में कैश जमा करने और तगादा करने अकेला जाता था। 17 अप्रैल की रात मौका पाकर मालिक के घर में रखी अलमारी से एक लाख 56 हजार रुपये, 15 लाख के आभूषण और दो मंहगे मोबाइल चुराकर सुल्तान भाग आया। सुबह जागने पर मालिक को चोरी का पता चला। तीन दिन तक सुल्तान की तलाश करने के बाद गुरुप्रीत ने थाना हरीनगर में सुल्तान के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सुल्तान के मौसेेरे भाई सुधाकर से पूरी जानकारी जुटाने के बाद सोमवार की सुबह सुधाकर को साथ लेकर नगर के जेल चौराहा स्थित एक मकान में छापा मारा। इस मकान में
सुल्तान के पिता कल्यान सिंह और मां मालती किराए पर रहते हैं। पुलिस टीम में हरीनगर थाने के एसआई प्रीतम सिंह, एएसआई दिलीप सिंह के अलावा क्राइम इन्वेस्टीगेशन टीम के दो सदस्य भी शामिल थे। पुलिस को सुल्तान घर पर नहीं मिला। कोतवाली पुलिस को सूचना दिए बिना पूछताछ करने के लिए पुलिस उसके मां बाप को अपने साथ दिल्ली ले गई है। पुलिस टीम को यह जरूर पता चला के सुल्तान चार महीने पहले घर जरूर आया था।