जानलेवा हमला करने के आरोपी को अपर जिला जज आनंद कुमार ने दोषी पाकर सात साल की सजा सुनाई है। आरोपी को दस हजार का जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा। निर्णय सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। एक नाबालिग आरोपी की पत्रावली सुनवाई के लिए अलग कर दी गई है।
थाना बरनाहल के ग्राम केशोपुर निवासी नीरज और प्रेमचंद्र के बीच आम तोड़ने को लेकर 15 जून 2007 को विवाद हुआ था। प्रेमचंद्र ने अपने भाई नीता की मदद से नीरज के भाई ऋषिकांत पर 16 जून को जानलेवा हमला कर दिया। उसको गंभीर चोट आईं। नीरज ने उसी दिन थाना बरनाहल में प्रेमचंद्र और नीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
जानलेवा हमले के मामले की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ आनंद कुमार की कोर्ट में की गई। नीता को नाबालिग पाकर उसकी पत्रावली सुनवाई के लिए अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल सहित अन्य गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। गवाही के आधार पर अपर जिला जज ने प्रेमचंद्र को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील शाक्य ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने प्रेमचंद्र को सात साल की सजा और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।