मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़
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पांच साल पहले औंछा के गांव महलोई में जानलेवा हमला करने के आरोपी को अपर जिला जज तृतीय प्रदीप कुमार ने पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने की।
थाना औंछा के गंाव महलोई निवासी युधिष्ठिर सिंह 24 अप्रैल 2011 की सायं 6:30 बजे पुत्र ब्रजेश, नाती राहुल के साथ घर के बाहर बैठे थे। तभी गांव निवासी सुखवीर वहां आ गया। रंजिश के चलते गाली-गलौच करते हुए तमंचे से फायरिंग कर दी। जिससे राहुल घायल हो गया। परिवार के लोगों ने जब सुखवीर को पकड़ने की कोशिश की तो वह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। युधिष्ठिर सिंह ने सुखवीर के खिलाफ थाना औंछा में जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। मामले की सुनवाई अपर जिला जज तृतीय प्रदीप कुमार की कोर्ट में की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने सुखवीर को जानलेवा हमले का दोषी पाया।
तमंचा रखने में दो साल की सजा
मैनपुरी। अपर जिला जज प्रदीप कुमार ने सुखवीर को तमंचा रखने के आरोप में दो साल की सजा सुनाई है। उसको दो हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद किया था। सुनवाई के दौरान पुलिस ने तमंचा कोर्ट में पेश किया था।
घायल को मिलेंगे 2500 रुपये
मैनपुरी। जानलेवा हमले में घायल हुए राहुल को जुर्माने की धनराशि में से 2500 रुपये दिए जाएंगे। आरोपी सुखवीर को पांच हजार रुपये के जुर्माने की भी सजा मिली है। अपर जिला जज प्रदीप कुमार ने निर्णय में यह आदेश भी लिखा है।