गांव हदुआ में चौधरी वीरभान सिंह अनीता देवी कालेज में परीक्षा के दौरान दूसरे परीक्षार्थियों को बैठाने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने कालेज प्रबंधक के भाई को गोली मारकर घायल कर दिया। वहीं कर्मचारी की भी पिटाई लगाई। वहीं फायरिंग से कालेज में भगदड़ मच गई। परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी जान बचाने के लिए टेबलों के नीचे छिप गए। घायल को गंभीर हालत में आगरा रेफर किया है।
चौधरी वीरभान सिंह अनीता देवी महाविद्यालय हदुआ में बीते शुक्रवार सुबह सात से 10 बजे की पाली में बीएससी तृतीय वर्ष की केमिस्ट्री विषय की परीक्षा चल रही थी। इसमें आकाश, दीपेंद्र सिंह, मोहम्मद शाकिर, नदीम राजा और पीयूष कुमार के स्थान पर दूसरे परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाने के लिए स्कूल प्रबंधन पर गांव महौली खेड़ा निवासी रमन कुमार ने दबाव बनाया। इस पर प्रबंधतंत्र ने उक्त लोगाें को परीक्षा से अनुपस्थित कर दिया। परिणामस्वरूप वह लोग देख लेने की धमकी देकर वहां से चले गए। सोमवार सुबह की पाली में बीए तृतीय वर्ष के हिंदी तृतीय प्रश्नपत्र की परीक्षा थी, तभी करीब 8:30 बजे तीन बाइकों पर सवार होकर आए छह लोगों ने गाड़ी से उतरते ही कर्मचारी अतुल कुमार उर्फ नितिन की डंडों से पिटाई शुरू कर दी।
प्रबंधक हरेंद्र सिंह के भाई दुष्यंत उर्फ बाबा ने विरोध किया तो उक्त लोगों ने उन पर फायर कर दिया। गोली दाएं हाथ में लगी। इससे वह परिसर में लहूलुहान होकर गिर पडे़। आरोपी वहां से भाग गए। फायरिंग से दहशत में आए परीक्षार्थी टेबलों के नीचे छिप गए। सीओ राजपाल सिंह व एसडीएम संदीप कुमार ने कालेज पहुंचकर जानकारी जुटाई। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे भी बरामद किए। सीओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
लिपिक से शुरू की पूछताछ
कालेज व्यवस्थापक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि रमन यादव जोकि डीडी इंटर कालेज महोली खेड़ा में लिपिक है के माध्यम से 13 छात्रों का एडमीशन कराया गया था। इनमें वे पांच छात्र भी शामिल थे जिनके स्थान पर अन्य परीक्षार्थियों को परीक्षा दिलाने का दबाव बनाया गया। घटना के समय आरोपियों के साथ रमन भी था। पुलिस ने रमन यादव को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है। उसने बताया कि वह भांजी को परीक्षा दिलाने आया था।
कालेज में नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
कालेज बीहड़ इलाके में बना है। वहां सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। सिर्फ सात आठ कमरों को बनाकर महाविद्यालय चलाया जा रहा है। यहां तक कि कालेज में चारदीवारी भी नहीं है। केवल परीक्षा के समय ही यहां लोग आते हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि वहां किसी भी प्रकार की कक्षाएं संचालित नहीं होती। कुल छह लोगों का स्टाफ है।