थाना करहल क्षेत्र में दो साल पहले जानलेवा हमला करने के मामले मेें अपर जिला जज प्रथम ने सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
गांव कैलाशपुर निवासी रामऔतार सिंह छह जून 2014 की शाम घर पर बैठे थे। गांव के रमेश ने वहां पहुंचकर रामऔतार को गालियां देना शुरू कर दिया। रामऔतार के मना करने पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। रामऔतार गंभीर रूप से घायल हो गया। रमेश के खिलाफ थाना करहल में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जानलेवा हमले में पुलिस ने रमेश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम गुरुप्रीत सिंह बाबा की कोर्ट में की गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार यादव ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने रमेश को दोषी पाकर सात साल की सजा सुनाई है।
घायल को मिलेंगे 50 हजार रुपये
मैनपुरी। जानलेवा हमले के आरोपी को 75 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जुर्माने की धनराशि में से 50 हजार रुपये घायल को मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। यह आदेश अपर जिला जज ने शनिवार को सुनाए गए निर्णय में दिया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
मैनपुरी। जानलेवा हमला करने के आरोपी रमेश को पुलिस ने जेल भेज दिया था। आरोपी की जमानत किसी भी कोर्ट से मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। शनिवार को वह जेल से ही निर्णय सुनने के लिए कोर्ट आया था। निर्णय सुनाए जाने के बाद वह वापस जेल भेज दिया गया।