मैनपुरी। दो साल पहले गांव असरोही में हुई चार लोगों की हत्या के चश्मदीद गवाहों की हत्या के इरादे से आए भाड़े के दो हत्यारों को एसटीएफ आगरा और क्राइम ब्रांच मैनपुरी की टीम ने धर दबोचा। इनके पास से भारी मात्रा असलाह, कारतूस और देशी बम मिलने की चर्चा है।
यह कार्रवाई बुधवार सुबह की गई। पुलिस ने असरोही हत्याकांड में सोमवार को कई गवाहों की कड़ी सुरक्षा में गवाही कराई थी। पुलिस की सतर्कता के चलते पकड़े गए बदमाश वारदात नहीं कर पाए थे। इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी राकेश उर्फ अब्बा और उसके भाई थान सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया है। एसटीएफ को ही इनकी लोकेशन मनौना के पास मिली, जिसके बाद इन्हें दबोच लिया गया। इस मामले में आधिकारिक रूप से पुलिस का कोई भी अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है।
यह है मामला
20 सितंबर 2014 को गांव असरोही में बदमाशों ने जान बचाने के लिए शराब के ठेके में घुसे नीरज यादव (25), शराब के ठेके के सेल्समैन अखिलेश यादव (28) और उसके साथी सुशील यादव (25) की हत्या कर दी थी। यहां से भागते बदमाशों ने रास्ते में नीरज के छोटे भाई सोनू यादव (22) की भी हत्या की थी। दस साल पूर्व चुनावी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान मनौना जगन्नाथ सिंह यादव ने अकबर सिंह यादव की हत्या कर दी थी। इसी रंजिश में यह घटना हुई थी।