मैनपुरी। अलग-अलग स्थानों पर करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं कोतवाली क्षेत्र में कटिया डालकर सबमर्सिबल पंप चलाते समय तार टूटने से करंट की चपेट में आकर दो गाय और एक सांड़ मर गए। सिपाही ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम औडन्य निवासी वीरपाल सिंह चौहान (70) की पत्नी सुशीला देवी (65) बुधवार को घर में तार पर कपड़े सुखा रही थीं। शाम चार बजे के लगभग जब वह कपड़े उतारने लगीं तभी अचानक तार में करंट प्रवाहित हो गया। सुशीला को बचाने वीरपाल पहुंचे तो वह भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उस समय घर पर कोई नहीं था। कुछ देर बाद पड़ोसी पहुंचे तो घटना की जानकारी हो सकी। जानकारी होते ही परिवारीजनों और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। वहीं थाना कुर्रा क्षेत्र के ग्राम तिकोना निवासी रामसिया (45) पत्नी दिनेश के घर के बाहर बिजली का खंभा लगा है। मंगलवार की शाम रामसिया खंभा के पास से होकर गुजरीं। फिसलन की वजह से उन्होंने जैसे ही खंभा का सहारा लिया वह करंट की चपेट में आ गईं। मौके पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझते उनकी मौत हो गई। रामसिया की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। दिनेश की भी पूर्व में ही मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से खंभा में करंट सही कराने की मांग की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम संसारपुर निवासी सरवन खेत में चारदीवारी कर कटिया डालकर चोरी से सबमर्सिबल पंप चलाता है। कटिया नंगे तार से डालता था। मंगलवार रात तार टूटकर गिर गया। इससे वहां मौजूद दो गाय और एक सांड़ की करंट से मर गए। गायों की मौत से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जानकारी पर कोतवाली पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने दोनों गाय और सांड़ का पोस्टमार्टम कराया। सिविल लाइन चौकी के सिपाही ने घटना की रिपोर्ट सरवन के खिलाफ कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सरवन की तलाश शुरू कर दी है।
करंट से युवक गंभीर
बिछवां। थाना क्षेत्र के ग्राम चिर्रा निवासी टिंकू (28) पुत्र यादवेंद्र सिंह को करंट लगने से गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवारीजनों का कहना था कि बुधवार को लाइन खराब हो गई। विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद कर्मियों ने शट्डाउन देकर लाइन सही करने को कह दिया। टिंकू जैसे ही खंभा पर चढ़ा तभी अचानक लाइन में करंट आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। ग्रामीणों का आरोप था कि उपकेंद्र पर तैनात किसी कर्मचारी ने लाइन चालू कर दी। जेई कभी फोन नहीं उठाते हैं। क्षेत्र में कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।