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UP News: 39 महीने भी न चला सात जन्मों का बंधन, शादी के 13 महीने बाद मुकदमा और अब राहें जुदा; वजह कर देगी हैरान

Wed, 06 Sep 2023 05:10 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में सात जन्मों का बंधन 39 महीने भी न चला। शादी के 13 महीने बाद ही मुकदमा दर्ज हो गया और अब दंपती की राहें जुदा हो गईं। वजह आपको हैरान कर देगी।
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divorce (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में विवाद के चलते एक दंपती की शादी तीन साल भी नहीं चली। उनके बीच विवाह विच्छेद हो गया। सुलह समझौता केंद्र में समझौता नहीं होने पर दंपती ने अलग-अलग रहने पर सहमति जताई। पति द्वारा एकमुश्त 50 हजार रुपये सहित दहेज का सामान वापस देने की बात पर दोनों ने अलग-अलग रहने की बात केंद्र में लिखकर दे दी।

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मामला भोगांव थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव का है। गांव निवासी सविता की शादी फिरोजाबाद के जसराना थाना क्षेत्र नगला राज निवासी राहुल के साथ 26 जून 2020 को हुई थी। सविता के एक साल की एक पुत्री भी है। शादी के बाद दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया। 25 मई 2021 को मारपीट किए जाने पर सविता ससुराल से मायके आ गई। उसने पति के खिलाफ दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करके घर से निकाल देने का मुकदमा एसीजेएम प्रथम के न्यायालय में 28 जुलाई 2021 को दर्ज करा दिया।

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मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम प्रथम के न्यायालय में हुई। राहुल ने जमानत पाने के लिए न्यायालय में आवेदन किया। एसीजेएम प्रथम ने राहुल को जमानत तो दे दी लेकिन दंपती के बीच समझौता कराने के लिए मुकदमे को सुलह समझौता केंद्र में भेज दिया। समझौता केंद्र में मीडिएटर रीता नैयर को समझौता कराने की जिम्मेदारी दी गई।
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समझौता केंद्र में दंपती उपस्थित हुए। मीडिएटर रीता नैयर के सामने दोनों ने अपना पक्ष तो रखा लेकिन एक साथ रहने के लिए राजी नहीं हुए। दोनों ने विवाह विच्छेद करने की बात कही। उनके बीच एकमुश्त 50 हजार रुपये देने, दहेज का सामान वापस करने की बात पर विवाह विच्छेद की सहमति बनी। राहुल द्वारा रुपया देने तथा सामान वापस करने पर मुकदमा समाप्त कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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