कमिश्नर गुरुवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे। वे सबसे पहले राजस्व अभिलेखागार
पहुंचे। वहां पता चला कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कुशलपाल पर महत्वपूर्ण
रिकार्ड गायब करने का आरोप है। उसके खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कराई गई है
लेकिन निलंबित नहीं किया गया। इस पर उन्होंने उसे निलंबित करने के आदेश
जारी किए। कलक्ट्रेट के आंग्ल
कलक्ट्रेट का निरीक्षण करने आए कमिश्नर प्रदीप भटनागर को प्रत्येक विभाग
और अन्य कामकाजों में कमियां ही कमियां मिलीं। राजस्व अभिलेखागार में
तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी को निलंबित करने के आदेश दिए। वहीं डीएम को
लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
कमिश्नर जहां भी गए उन्हें अव्यवस्था ही मिली। एक और जहां दर्जनों
शिकायतें विभिन्न विभागों में लंबित थीं वहीं रिकवरी की स्थिति भी
संतोषजनक नहीं थी।
अभिलेखागार, संग्रह अनुभाग, राजस्व, न्यायिक
अभिलेखागार, नजारत, पंचस्थानीय निर्वाचन कार्यालय आदि का निरीक्षण किया।
उन्होंने पाया कि आरटीआई के तहत जनवरी 15 से अब तक 21 आवेदन कलक्ट्रेट से
और 66 अन्य विभागों से संबंधित प्राप्त हुए। राजस्व अभिलेखागार में 20
जनवरी से सवालों की नकल जारी हो रही थी। जबकि तीन दिन में नकल देने का
प्रावधान है। उन्होंने कलक्ट्रेट की रंगाई-पुताई कराने के निर्देश दिए।
कमिश्नर को बताया गया कि तहसील सदर में 91 लाख 85 हजार, भोगांव में 80 लाख
85 हजार, करहल में 56 लाख 32 हजार की आरसी व्यापार कर देय में वसूली हेतु
लंबित है। वहीं विद्युत देय में सदर तहसील में एक करोड़ 19 लाख की आरसी
लंबित हैं। जिले के 10 बड़े बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने वसूली की प्रगति सुधारने और बड़े बकायदारों पर कार्रवाई के
निर्देश दिए।
गत वर्ष की 306 शिकायत और तहसील दिवस के एक माह पुराने 30 प्रकरणों का निस्तारण नहीं हुआ है। इस पर नाराजगी जताई।
डीएम एसपी मिश्र ने कमिश्नर से कहा कि उनके निर्देशों का पालन कराया
जाएगा। लोकवाणी केंद्र के संचालन पर कड़ी निगरानी होगी। इस मौके पर अपर
आयुक्त पीके अग्रवाल, एसडीएम सदर, करहल, किशनी, भोगांव सत्यनारायन यादव,
विजय प्रताप सिंह, विमल कुमार अग्रवाल, महेश प्रकाश, राजस्व अधिकारी पीके
जैन, डिप्टी कलक्टर गजेंद्र सिंह, अभय पांडेय आदि मौजूद रहे।