एसिड अटैक से बचने पर शिक्षिका की आंख फोड़ी
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बीते पांच दिनों में कलक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के समीप अधिवक्ता और बेनामा लेखकों की झोपड़ियां शार्ट सर्किट के चलते जलकर राख हो चुकी हैं। पांच दिनों में बुधवार को दूसरी बार लगी आग में करीब तीन झोपड़ियां जल गईं। अधिवक्ता और बेनामा लेखक परिसर में खड़े सूखे इमली के पेड़ को आग लगने की वजह बता रहे हैं।
उनका कहना है कि कई बार वन विभाग से सूखा पेड़ कटवाने की मांग की गई। पांच दिन पूर्व लगी आग में तीस से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गई थी। क्षति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम गजेंद्र सिंह ने भी पेड़ कटवाने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक पेड़ काटा नहीं गया। सुरेंद्र नाथ ने बताया कि शार्ट सर्किट से निकली चिंगारी सूखे पेड़ को आसानी से चपेट में ले लेती है। इसी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। उनका कहना था कि अगर पेड़ को काटा नहीं गया तो किसी दिन यहां बड़ा हादसा हो सकता है।