शीतलहर के प्रकोप के चलते लोगों का बुरा हाल है। सुबह नौ बजे तक कोहरे के बाद आसमान पर छाए बादलों ने कड़ाके की सर्दी का अहसास करा दिया। पूरे दिन धूप न निकलने से ठिठुरन भरी सर्दी से लोग कांपते रहे। सूर्य के दर्शन न होने से पूरे दिन अंधकार सा बना रहा। शुक्रवार मौसम का सबसे सर्द दिन महसूस किया गया। न्यूनतम तापमान भी गिरकर 3.9 डिग्री सेल्सियस पर आ पहुंचा है।
शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे तक घने कोहरे के कारण सड़काें पर आवागमन प्रभावित रहा। घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़ रहे थे। बाद में बादलों के चलते पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हो सके। लगातार चार दिनों से बादल रहने से जहां ठंड बढ़ी वहीं किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। बारिश हुई तो गेहूं की फसल को भले ही फायदा होगा लेकिन आलू, लहसुन, सरसों आदि की फसलों को नुकसान पहुंचेगा। पिछले तीन-चार दिनों से भीषण गलन भरी सर्दी से आम जनजीवन अस्तव्यस्त होकर रह गया है। सर्दी के कारण आदमी ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी बेहाल नजर आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से पशुओं के मरने और उनमें बीमारी फैलने के समाचार मिलने लगे हैं। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी देरी से कार्यालय पहुंच रहे हैं। वहीं कर्मचारी सर्दी के चलते चाय की दुकानों पर नजर आ रहे हैं।
रोडवेज बसों पर भी कोहरे का असर
लगातार बढ़ रही सर्दी और कोहरे के चलते परिवहन व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। रोडवेज बसों के आने का कोई समय निश्चित नहीं रह गया है। घने कोहरे के चलते बसें बेहद धीमी गति से चल रहीं हैं। रात और सुबह आने वाली बसें दो से चार घंटे तक विलंब से पहुंच रहीं हैं। दिल्ली की ओर से रात में और अल सुबह आने वाली बसें तो चार से पांच घंटे बिलंब से पहुंच रहीं हैं। कुछ यही हाल लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद और आगरा की ओर से आने वाली बसों का है। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों का और भी बुरा हाल है। कई बसों के शीशे आदि टूटे होने से यात्रियों को सर्द हवाएं सहते हुए यात्रा करने को विवश होना पड़ रहा है।
कक्षा आठ तक के स्कूल 18 तक बंद
डीएम एसपी मिश्र ने कड़ाके की ठंक को देखते हुए जनपद के समस्त हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय 18 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को पल्स पोलियो कार्यक्रम के तहत जनपद के सभी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय खुले रहेंगें।