प्रदेश में लागू कराया गया सिटीजन चार्टर जिले में तार-तार है। थानों सहित किसी भी कार्यालय में चार्टर का पालन नहीं हो रहा है। थानों सहित अन्य कार्यालयों में टांगे गए सिटीजन चार्टर के बोर्ड गायब हो चुके हैं।
आम आदमी की सुविधा के लिए प्रदेश में सिटीजन चार्टर थानाें सहित अन्य कार्यालयों में लागू किया गया था। समय बदलने के साथ ही सब कुछ बदल गया। पहले तो सिटीजन चार्टर के बोर्ड टंगे नजर आए लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया। अब तो लोग सिटीजन चार्टर को भूल ही चुके हैं। अधिकारी भी सिटीजन चार्टर के अनुरूप काम करने में लापरवाही बरत रहे हैं। समयावधि में कोई भी काम सरकारी कार्यालयों में नहीं निपटाया जा रहा है।
यह है सिटीजन चार्टर---
क्रम कार्य थाना अन्य कार्यालय
1- अपराध पंजीकरण तत्काल कोई समय नहीं
2- शस्त्र लाइसेंस जांच 10 दिन 20 दिन
3- पासपोर्ट सत्यापन 07 दिन 15 दिन
4- चरित्र सत्यापन 07 दिन 15 दिन
5- चरित्र सत्यापन ठेकेदारी 10 दिन 25 दिन
6- थाने पर शिकायत 07 दिन कोई समय नहीं
7- ऊपर से आई शिकायत 07 दिन 03 दिन
8-आपदा मौत पर कार्रवाई तत्काल तत्काल
9- कोर्ट सम्मन तामील 05 दिन जैसा आदेश
10-गुम वस्तुओं की सूचना तत्काल तत्काल
11- गुमशुदगी मानव तत्काल तत्काल
12-शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण 07 दिन 15 दिन
13- पीएम रिपोर्ट की प्रति 03 दिन 03 दिन
14- चालान 01 दिन 03 दिन
15-अग्निशमन की एनओसी 15 दिन 02 दिन
16- सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजन 12 घंटा 03 दिन
सभी विभागों को सिटीजन चार्टर के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए गए हैं। जो अधिकारी अथवा कर्मचारी लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सिटीजन चार्टर पुलिस सहित अन्य कार्यालयों में कड़ाई से लागू कराया जाएगा।
चंद्रपाल सिंह, जिलाधिकारी