मैनपुरी में अब कुपोषण के बजाय बच्चों में एनीमिया (रक्त की कमी) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पास प्रतिदिन आने वाले औसतन 100 से अधिक मरीजों में से 20 से 25 बच्चे एनीमिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके शाक्य ने इसका मुख्य कारण फास्ट फूड के अधिक सेवन और खानपान में बदलाव को बताया है।
डॉ. शाक्य के अनुसार, एनीमिया आयरन की कमी के कारण होता है, जिससे बच्चों में खून की कमी हो जाती है और वे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं। इस बढ़ती समस्या के चलते अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।
प्रतिदिन जांचे जाने वाले 100 बच्चों में से 20-25 बच्चे एनीमिया से ग्रसित मिल रहे हैं, जिनमें से तीन से चार गंभीर बच्चों को तो अस्पताल में भर्ती करने की भी आवश्यकता पड़ रही है। जिला अस्पताल के बाल रोग वार्ड में बच्चों को भर्ती करने के लिए 30 बेड उपलब्ध हैं। डॉ. शाक्य ने बताया कि एनीमिया से पीड़ित बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए उनके परिजनों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
एनीमिया के प्रमुख कारण
फास्ट फूड का अधिक सेवन : बच्चों द्वारा जंक फूड का अत्यधिक सेवन करना।
फल-फ्रूट का सेवन न करना : पौष्टिक फलों और सब्जियों की कमी।
पेट में कीड़े होना : पेट के कीड़े भी एनीमिया का एक बड़ा कारण हैं।
खेल-कूद में रुचि न लेना : शारीरिक गतिविधि की कमी भी अप्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।
बचाव के उपाय:
- बच्चों को अधिक से अधिक दूध पिलाएं।
- बाजार के बजाय घर का बना खाना खिलाएं।
- पत्तेदार हरी सब्जियों का सेवन कराएं।
- समय-समय पर डॉक्टरों से जांच कराएं।
- बच्चों को पोषण युक्त भोजन दें और परिजनों को इसके प्रति जागरूक करें।
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