टेक्निकल एजूकेशन को आगे बढ़ाने के लिए अब छात्र ही अहम भूमिका निभाएंगे। हर साल पाठ्यक्रम बदला जाएगा। इसके लिए छात्र-छात्राओं से सुझाव लिए जाएंगे। ताकि उनको पढ़ने में कोई परेशानी न हो। यह बात राजकीय पालीटेक्निक कालेज का निरीक्षण करने आए प्राविधिक शिक्षामंत्री शिवाकांत ओझा ने पत्रकार वार्ता में कही।
शिक्षामंत्री शिवाकांत ओझा ने कहा कि ग्रामीण अंचलों से पढ़ने आ रहे छात्रों को टेक्निकल कोर्स में काफी मुश्किल आ रही हैं। साथ ही वर्तमान समय के अनुरूप यह कोर्स अधिक रोजगारपरक नहीं है। इसलिए टेक्निकल कोर्स के सिलेबस को बदलने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों से भी सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही ध्यान में रखा जाएगा की कोर्स में पढ़ाने वाले विषयों का उपयोग नई टेक्नॉलोजी के अनुरूप हो।
उन्होंने कहा कि पालीटेक्निक के दोनों सेमेस्टर के चार-चार पेपर छात्रों के मुताबिक बनाए जाएंगे। ग्रामीणों अंचल के बच्चे अंग्रेजी में कमजोर होते हैं। इसके चलते वह आगे नहीं बढ़ पाते हैं। इसलिए जो विद्यार्थी पालीटेक्निक का कोर्स कर चुके हैं। उनके लिए स्किल डेवलपमेंट और अंग्रेजी के कंवर्सेशन का कोर्स शुरू किया जाएगा।
शिवकांत ओझा ने कहा कि प्रत्येक पॉलीटेक्निक कालेज में सीसीटीवी कैमरे और बायोमैट्रिक मशीनें फरवरी तक लगा दी जाएंगी। वहीं शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।