गोवंशों की संख्या की अपेक्षाकृत बहुत छोटा है टीनशेड
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हाल ये है कि सर्दी के चलते कई गोवंश तो अब बीमार होकर मैदान में ही गिरने लगे हैं। गिरने वाले गोवंशों तो रात में भी यहीं पड़े रहते हैं। खून जमाने वाली सर्दी में ये गोवंश अपनी आखिरी सांसें गिन रहे हैं। शासन को जब भी रिपोर्ट जाती है तो बेहतर देखभाल का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में गोशाला की तस्वीर बेहद खराब है।
तिरपाल का पता नहीं गोवंशों की पीठ से झूल भी नदारद
गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए शासन और प्रशासन ने गोशाला में तिरपाल लगाने के आदेश दिए थे, ताकि गोवंश उनके नीचे खड़े हो सकें। लेकिन नगर पालिका ने इस आदेश को हवा में उड़ा दिया।
अफसरों के लिए ही खुलता है गोशाला का दरवाजा
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला की बदहाली किसी को पता न चले इसके लिए फूलप्रूफ इंतजाम जिम्मेदारों ने किया है। केवल गोशाला पहुंचने वाले अधिकारियों के लिए ही गोशाला का दरवाजा खुलता है। इसके अलावा कोई भी गोशाला जाता है तो उससे साफ कह दिया जाता है कि ऊपर से आदेश है कि गोशाला का दरवाजा न खोला जाए। आप कभी भी गोशाला जाकर इस बात की तस्दीक कर सकते हैं।
ईओ लालचंद भारती ने बताया कि गोशाला में गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए तिरपाल लगाने के निर्देश दिए थे। अगर गोवंश सर्दी में ठिठुर रहे हैं तो जानकारी कर उनके बचाव के लिए व्यवस्था कराई जाएगी।