मतदान के बाद थकान मिटाकर अब प्रत्याशी हारजीत का गणित लगाने में जुट गए हैं। समर्थकों के दावों से तो हर प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित लग रही है।
सदर सीट से सपा प्रत्याशी राजू यादव को पार्टी के परंपरागत वोट के साथ ही विकास कार्यों से जीत का सहारा है। भाजपा प्रत्याशी अशोक चौहान की जीत का गणित पार्टी के परंपरागत वोट के अलावा राठौर तेली, कश्यप, शंखवार के अलावा असंतुष्ट यादव मतों के सहारे जीत का भरोसा है। बसपा प्रत्याशी महाराज सिंह शाक्य को पार्टी के वोटों के अलावा बड़ी संख्या में मुस्लिम, स्वच्छ छवि का ही सहारा है।
भोगांव सीट से भाजपा प्रत्याशी रामनरेश अगिभनहोत्री पार्टी के परंपरागत वोट के अलावा लोधी, ठाकुर मतों के एकमुश्त मतदान से जीत पक्की मान रहे हैं। सपा के आलोक शाक्य को पार्टी के परंपरागत वोट के अलावा लोधी और ठाकुर मतों में बिखराव से जीत का आसरा है। बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र यादव मुस्लिम मतों में बड़े बिखराव तथा सपा के असंतोष से जीत पक्की मान रहे हैं।
किशनी सीट से सपा प्रत्याशी ब्रजेश कठेरिया अपनी जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। वह हर समाज के वोट मिलने का दावा कर रहे हैं। बसपा प्रत्याशी कमलेश कुमारी परंपरागत वोट के अलावा सपा में बिखराव को अपनी जीत की मजबूती मान रही हैं। भाजपा प्रत्याशी सुनील जाटव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि के साथ ही सपा की गुंडई के खिलाफ पड़े वोटों से जीत का सहारा है। करहल के सपा प्रत्याशी सोबरन सिंह यादव बाहुल्य सीट पर उनको हर वर्ग से वोट मिलने से चौथी बार जीत के प्रति आश्वस्त हैं। भाजपा प्रत्याशी रमा शाक्य हर वर्ग के समर्थन के साथ ही सत्ता विरोधी लहर से अपनी जीत पक्की मान रही हैं। बसपा प्रत्याशी दलवीर पाल डेढ़ दशक से यादवों के आतंक से जूझ रहे लोगों के वोटों से जीत पक्की होने की उम्मीद है।