आगरा मंडलायुक्त सोमवार को जिले में पहुंचे। उन्होंने जनकल्याणकारी योजनाओं में जिले को सी और डी श्रेणी मिलने पर नाराजगी जताई। साथ ही कहा अधिकारी शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाएं। डाक्टर राममनोहर लोहिया समग्र गांव को सर्वोच्च प्राथमिकता पर सभी योजनाओं में संतृप्त कराएं।
आयुक्त ने कहा कि जिला ग्रामीण विद्युतीकरण, अंधता निवारण, लोहिया ग्रामों के संतृप्तीकरण, पेयजल, राजस्व, न्यायालय कंप्यूटरीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में डी और पारदर्शी किसान योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह गठन, सोलर पंप स्थापना में सी श्रेणी में है। अधिशासी अभियंता विद्युत से कहा कि वह ग्रामीण विद्युतीकरण की प्रगति सुधारें। गांव में कैंप लगाकर विद्युत कनेक्शन स्वीकृत करें। उप निदेशक कृषि से कहा कि सोलर पंप योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं है। सहायक निदेशक मत्स्य को मछली पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत अधिक नौजवानों को प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार के अवसर देने को कहा। अधिशासी अभियंता आरईएस को निर्देश दिए वह सीसी रोड की गुणवत्ता सुधारें और मानक के अनुसार लोहिया गांव में सीसी का कार्य कराएं। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त निशा गोयल, डीएम लोकेश एम, सीएमओ डा. केके शर्मा, सीडीओ जेएन कुरील, परियोजना निदेशक विजय कुमार, जिला अर्थ और संख्याधिकारी बीएस यादव मौजूद रहे।
लिंगानुपात चिंताजनक, सुधारें अधिकारी
कमिश्नर घिरोर का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा जिले में महिला, पुरुष अनुपात काफी कम है, विकास खंड घिरोर में यह स्थिति और खराब है। इसे नियंत्रित करने के लिए प्रभावी पहल करनी होगी। स्टाफ की काफी कमी मिली स्वीकृत 33 पद में से मात्र 23 ही भरे हैं। ब्लाक में सबसे अधिक सहायक विकास अधिकारी के पांच पद रिक्त हैं। उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त से पूरे मंडल की सूचना एकत्र कर रिक्त पदों के संबंध में मुख्य सचिव को पत्र लिखवाने को कहा। उन्हें बताया गया कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के अंतर्गत विकास खंड में गत वित्तीय वर्ष में एक हेक्टेयर से कम के 14 तालाबों का मनरेगा से जीर्णोद्धार कराया गया। ब्लाक में सबसे बड़ी आडिट आपत्ति भूमि संरक्षण विभाग की लंबित है। इसमें 13-14 लाख का समायोजन नहीं किया गया है। उन्होंने संयुक्त विकास आयुक्त से कार्रवाई करने के लिए कहा। पूछने पर बताया गया कि ब्लाक मुख्यालय पर 33 में से मात्र तीन कर्मचारी ही रहते हैं। इस पर उन्होंने डीएम को कार्रवाई करने के लिए कहा। कमिश्नर ने खंड विकास अधिकारी से सभी सात क्रय केंद्रों पर नियमित भ्रमण करने और निर्देश दिए किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य से कम पर न बिके।
पोल्ट्री फार्म में मिली गंदगी
प्रदीप भटनागर ने अभय लेयर पोल्ट्री फार्म (कुक्कुट पालन) का स्थलीय निरीक्षण किया। यहां पर नार्म्स के अनुसार सभी व्यवस्थाएं मिली। उन्होंने कहा कि कुक्कुट पालन योजना में मुर्गियों में इंफेक्शन की संभावना बनी रहती है। यहां पर्याप्त सफाई व्यवस्था नहीं है। इसमें सुधार लाएं। फार्म के स्वामी ने बताया कि फार्म के सभी अंडों की खपत जिले में हो रही है। अंडों की बिक्री के संबंध में कोई समस्या नहीं है।