या अल्लाह हम गुनहगार हैं, सियाकार हैं, लेकिन तेरे महबूब नबी-ए-करीम की उम्मत में हैं। या मौला हमें बख्श दे। हमारे गुनाह-ए-सगीरा, गुनाह-ए-कबीरा को माफ कर दे। हमारे में मुल्क में अमन चैन बनाए रख। हमारे रोजगार में खैर-ओ-बरकत अता करे, बेरोजगारों को रोजगार और बीमारों को शिफा अता फरमा...। कुछ इस तरह की सदा जिले की हर मस्जिद से नमाज-ए-अलविदा जुमा के दौरान सुनाई दी।
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। माह-ए-रमजान के आखिरी जुमे पर जिले भर में नमाज-ए-अलविदा जुमा अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने मुल्क में अमन और भाईचारा बनाए रखने की गई। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा बनाए रखने को चिन्हित किए गए संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर कड़ी चौकसी बरती।
शहर की जामा मस्जिद, खजूर वाली मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, जुलापुरी मस्जिद, ऊंची मस्जिद, फाटक बदरुल मस्जिद, गुलाब बाग मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद, किले के पीछे स्थित मस्जिद में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने जुमा अलविदा की नमाज अदा की। सबसे ज्यादा भीड़ जामा मस्जिद में दिखाई दी। जामा मस्जिद में नमाज अदा कराने के बाद पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क में अमनचैन और भाईचारा कायम रखने की दुआ की। पेश इमाम ने कहा कि माह-ए-रमजान का आखिरी जुमा हर मुसलमान के लिए बहुत अहमियत रखता है। इसके बाद ईद की नमाज ही अदा की जाएगी। मस्जिदों में लोगों ने नमाज अदा की, तो घरों में औरतों ने। नमाज के बाद नमाजियों ने एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। जुमा अलविदा की नमाज को लेकर पूरे शहर में पुलिस की कड़ी चौकसी बरती गई।
मस्जिदों के पास तैनात रही पुलिस
अलविदा जुमा के दौरान मस्जिदों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी को तैनात किया गया, ताकि नमाज में कोई खलल पैदा न हो सके।
साफ-सफाई में लगे रहे कर्मचारी
अलविदा जुमा के लिए नगर पालिका के कर्मचारी सुबह से ही मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई करते रहे। नमाजियों की तादात बढ़ने पर मस्जिदों के बाहर नमाज अदा की गई। इसे देखते हुए सड़कों की सफाई भी बेहतर की गई।