परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे 23 शिक्षकों के जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। इसके चलते बीएसए से बुधवार को उक्त सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया। पूर्व में इन शिक्षकों को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी हुए थे। वहीं उक्त नियुक्तियों में दोषी मिलने पर पर एक बाबू को भी बीएसए निलंबित कर चुके हैं। साथ ही एक बाबू के खिलाफ कार्रवाई के लिए जेडी को पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2013 में 10800 शिक्षक भर्ती में 180 के सापेक्ष 111 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। बीएसए ने उक्त शिक्षकों के प्रमाणपत्राें की स्वयं और लिपिकों को लगाकर जांच की। इस जांच में भी एक शिक्षक की इंटर और नौ शिक्षकों की टीईटी की मार्कशीट फर्जी निकली। वहीं 10 हजार शिक्षक भर्ती की ऑनलाइन जांच में 13 शिक्षकों की टीईटी अंकतालिका फर्जी निकली थी। उक्त सभी 23 शिक्षकों को पहले सेवा समाप्ति के नोटिस जारी हुए। वहीं जांच उक्त सभी 23 शिक्षक दोषी मिलने पर बुधवार को बीएसए की टीम ने बर्खास्त कर दिया। बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि दस हजार शिक्षक भर्ती के दौरान काउंसिलिंग रजिस्टर तैयार हुआ था। वह रजिस्टर नहीं मिल रहा है। इसके चलते एक बाबू को निलंबित किया जा चुका है। दूसरे के खिलाफ कार्रवाई के लिए जेडी को लिखा है।
पूर्व में 29 हजार भर्ती में आठ हो चुके हैं बर्खास्त
इससे पूर्व जनपद में 29 हजार भर्ती प्रक्रिया के तहत जिले में विज्ञान और गणित के 333 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इनकी भी तत्कालीन डीएम ने जांच कराई थी। इस जांच में भी आठ शिक्षकों के टीईटी अंकपत्र फर्जी निकले थे। उक्त यह सभी शिक्षक बर्खास्त हो चुके हैं।
बीएसए को जान से मारने की मिली धमकी
बीएसए रामकरन यादव का कहना है कि वह एक दिन पूर्व एक शादी समारोह में गए थे। यहां दो युवकों ने उनसे कहा कि बहुत ज्यादा शिक्षक बर्खास्त कर रहे हो। आपको जान से मारना ही पड़ेगा। बीएसए का कहना है कि उन्होंने इस धमकी की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। फिलहाल अभी इस संबंध में कोई तहरीर नहीं दी है।