मैनपुरी। शहर में शनिवार को ओम भंडार वाली स्थित धर्मशाला की दुकान के ताले तोड़कर कब्जे की कोशिश की गई। विरोध करने पर दुकानदार को पीटकर घायल कर दिया गया। भीड़ एकत्रित होती देख आरोपी भाग निकले। कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला छपट्टी निवासी राकेश बाबू ने बताया कि उनके गुरु अख्तर हुसैन ने करीब 60 साल पहले चंदा गजरा धर्मशाला में दो दुकानें किराये पर ली थीं। दुकानों में अख्तर आर्ट स्टूडियो के नाम से काम चल रहा है, वह किराया भी लगातार देते आ रहे हैं। अख्तर हुसैन की जनवरी 2025 में मौत हो गई। वह संपत्ति को उनके नाम वसीयत कर गए हैं। धर्मशाला की संपत्ति बेचने और हस्तांतरित का अधिकार समिति का ही होगा। इसके बाद भी समिति के पूर्व सदस्य शिशुपाल की पत्नी कमला देवी, मोहन और उसके सौतेले पिता जबरदस्ती दुकानों पर कब्जा की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार की सुबह ताले तोड़ कर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर गालियां देते हुए धमकी दी गई। दोबारा लगाए गए ताले भी आरोपियों ने तोड़ दिए। इंस्पेक्टर कोतवाली फतेह बहादुर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।