कबीर आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय सत्संग का समापन गुरुवार को भंडारे के साथ हो गया। इस मौके पर संताें ने प्रवचन दिए।
महंत अमर साहेब ने कहा कि सद्गुरु की महिमा अनंत है। क्योंकि संसारी लोग हमें भौतिक पदार्थ ही दे सकते हैं जो क्षण भंगुर है। संत सद्गुरु हमें अनंत आत्म परमात्मा स्वरूप का बोध कराते हैं। इसी के साथ हमारे पास एक अनंत नेत्र भी है। जिसे विवेक की आंख कहते हैं। इसे आत्म ज्ञान भी कहते हैं। संत ज्ञान साहेब ने कहा कि संयम सुखी जीवन जीने की कुंजी है।
संत शंकर साहेब ने कहा कि मनुष्य को तीन शक्तियां वरदान स्वरूप मिली हैं। तन-मन और वचन इनका सद् प्रयोग और दुरुपयोग बंधन मुक्ति का कारण बनते हैं। संत कर्मेंद्र साहेब ने कहा कि मनुष्य जैसा सोचता है, बोलता है वैसा ही करता है। इसके अलावा संत गुरुवेंद्र साहेब ने प्रवचन किए। इसके बाद भंडारे का आयोजन हुआ। इसमें सैकड़ाें की संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।