स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 850 राजस्व ग्रामों में 727 सफाईकर्मियों की तैनाती है। हर गांव में सफाईकर्मियों के होने के बाद भी अधिकांश गांवों में गंदगी के ढेर लगे हैं। देहात में नियुक्त सफाईकर्मी नियमित रूप से तो दूर कभी कभार भी सफाई करने नहीं पहुंचते हैं। गांव की गलियों में फैली गंदगी और गली किनारे लगे गंदगी के ढेर बीमारियों को निमंत्रण दे रहे हैं। निरीक्षण में सफाईकर्मियों के गैरहाजिर मिलने पर भी उनको नियमित वेतन मिल रहा है।
जिले में 850 राजस्व ग्राम तथा 560 ग्राम सभाएं हैं। इनमें स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत 727 सफाईकर्मियों की तैनाती है। अधिकांश गांवों की गलियों में गंदगी फैली हुई है। गलियों किनारे गंदगी के ढेर लगे लगे हैं। सफाई कर्मचारी नियमित रूप से सफाई करने नहीं पहुंच रहे हैं। गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
दो दिन पहले जिला परियोजना समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन नीरज शर्मा को बरनाहल क्षेत्र के कनिकपुर खिदरपुर में सफाईकर्मी के गांव में नहीं आने की शिकायत ग्रामीणों ने की। जबकि भोगांव क्षेत्र के गांव आलीपुर खेडा में सफाईकर्मी के नहीं आने का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की है।
गैर आबाद हैं 35 गांव
मैनपुरी। जिले में 35 ऐसे गांव हैं जो अभिलेखों में गैर आबाद गांव के रूप में दर्ज हैं, जिनमें रुधनिया, गोपालपुर, नगला किन्नू, हेमपुर, बहोरनपुर, गढ़िया खास आदि शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें से भी कइयों में सफाईकर्मियों की तैनाती है और उनकी उपस्थिति भी दर्ज होती है। जबकि गैर आबाद गांव में सफाई का कोई औचित्य ही नहीं है।
1.44 करोड़ से अधिक वेतन का भुगतान
मैनपुरी। देहात के एक सफाईकर्मी को प्रतिमाह 19880 रुपया वेतन भुगतान होता है। जिले में 727 सफाईकर्मी हैं। विभाग द्वारा प्रतिमाह एक करोड़ 44 लाख 52 हजार 760 रुपया वेतन देने के बाद भी सफाई व्यवस्था रामभरोसे ही है।
देहात में सफाईकर्मियों द्वारा सफाई नहीं करने की शिकायत मिली है। सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण कराया जाएगा। देहात का सफाई कर्मचारी अपनी तैनाती वाले गांव पर ही ड्यूटी करेगा। शासनादेश के तहत उसका संबंद्धीकरण नहीं किया जा सकता है।
विजय कुमार गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी