फोटो 21 कचहरी रोड पर बाइक रैली में शामिल शिक्षक। संवाद
- फोटो : पयागपुर के सहसरावां गांव में मकान में चोरी के बाद बिखरा सामान।
मैनपुरी। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले जिले के शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से सोमवार को शहर में बाइक रैली निकालकर टीईटी अनिवार्यता का विरोध किया। बीएसए कार्यालय से शुरुआत होकर बाइक रैली में शामिल शिक्षकों की भीड़ कलेक्ट्रेट तक पहुंची। बाइक रैली में शामिल शिक्षक हाथों में टीईटी अनिवार्यता विरोधी नारे लिखी तख्तियां और बैनर लिए थे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक केपी सिंह और जिला संरक्षक सत्यवीर सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक सड़कों पर हैं, लेकिन केंद्र सरकार कोई ठोस हल निकालने की बजाय मूकदर्शक बनी हुई है। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुजीत चौहान ने कहा कि सेवारत शिक्षकों पर टीईटी लागू करना उसके सेवाकाल की मेहनत का उपहास उड़ाने जैसा है।अटेवा के जिला संयोजक सुनील सिंह ने कहा कि देश में शिक्षकों का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है नियुक्ति के 20 साल बाद उसकी योग्यता को एक परीक्षा के द्वारा जांचना उसके द्वारा दी गई सेवा की मजाक बनाने जैसा है। एससी-एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष करन सिंह ने कहा कि शिक्षकों की एकजुटता सड़कों पर दिखाई दे रही है जो सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर देगी ।उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/जनजाति बेसिक शिक्षक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सरकार तत्काल संसद में विधेयक लाकर शिक्षकों को राहत प्रदान कर। जिससे शिक्षक सुकून से शिक्षण कार्य कर सके। टीएससीटी के जिला संरक्षक अवधेश गौतम ने कहा कि शिक्षकों की वेदना न सरकार सुन रही है और न कोर्ट, ऐसे में शिक्षक के पास आंदोलन के अलावा और कोई चारा नहीं है। बाइक रैली कलेक्ट्रेट पहुंचकर समाप्त हुई। यहां प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। बाइक रैली में महेंद्र प्रताप सिंह, कप्तान सिंह, कौशल गुप्ता, शंकर चौहान, डॉ. नीतू यादव, जितेश गौरव, विनय सिंह, किरन शाक्य, शैलजा राठौर, प्रमोद कठेरिया व्योम सक्सेना, जितेंद्र यादव, डॉ. मनोज यादव, दलवीर कठेरिया आदि मौजूद रहे।