सहकारी बैंकों में दूसरे दिन भी नहीं हुआ काम
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कोआपरेटिव बैंक एंपलाइज यूनियन के आह्वान पर शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने के चलते दूसरे दिन सहकारी बैंक की 14 शाखाओं में काम नहीं हुआ। धरने के बाद कर्मचारियों ने आरबीआई को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन महाप्रबंधक को दिया। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने केंद्र सरकार तथा रिजर्व बैंक की नीतियों को किसान विरोधी बताया।
सहकारी बैंक की मुख्य शाखा में शुक्रवार को धरने को संबोधित करते हुए कोऑपरेटर बैंक्स स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम सिंह यादव ने कहा रिजर्व बैंक ने 14 नवंबर को सहकारी बैंकों में खाता धारकों के खातोें में पुराने नोट जमा करने तथा बदलने पर रोक लगाकर किसानों के साथ धोखा किया है। किसान के पास पुराने नोट होने के कारण वह खाद, बीज नहीं खरीद पा रहा है। सहकारी बैंक ही किसानों को खेती संबंधी सुविधा देता है। सचिव शैलेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा सहकारी बैंक को सामान्य बैंकिंग का अधिकार प्राप्त है। सहकारी बैंकों को राष्ट्रीय विकास की योजना से बाहर करने की साजिश रची जा रही है। धरने के बाद कर्मचारियों ने रिजर्व बैंक के गवर्नर को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन महाप्रबंधक को दिया। एसोसिएशन के ब्रजेंद्र कुमार सिंह, जोगराज, संतोष, सतीश, नीरज, कृष्ण मुरारी, हरीओम, हेमंत कुमार, संजीव, शिवप्रताप, सर्वेश, विकास दलेला, रामचंद्र कुशवाहा, राजीव यादव, मोहम्मद अख्तर खां, उजागर सिंह, राघव किशोर, घनश्याम, लक्ष्मी शंकर मिश्रा, भंवर सिंह आदि मौजूद थे।