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बाजारों में सन्नाटा धड़ाम कारोबार, लोग परेशान

Wed, 09 Nov 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
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बंद बैंक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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केंद्र सरकार के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फरमान का असर बुधवार को पूरे जिले में देखने को मिला। सुबह से लेकर देर शाम तक जहां आम लोग जरूरत की चीजें खरीदने को तरस गए। वहीं थोक मंडियों में भी सन्नाटा पसरा रहा। यही नहीं सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग गई। कई स्थानों पर लोगों में विवाद भी हुआ। इसके चलते बाजारों और पेट्रोल पंपों पर पुलिस को तैनात करना पड़ा।
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मंगलवार की देर रात केंद्र सरकार ने फरमान जारी करते हुए 500 और एक हजार के नोट के चलन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। इसका असर हालांकि रात से ही दिखना शुरू हो गया था लेकिन बुधवार की सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लाइनें लगना शुरू हो गईं। कारण सरकार के निर्देशों के अनुसार सिर्फ पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों, सरकारी अस्पतालों में ही उक्त नोट चल रहे थे। इसके चलते तकरीबन सभी पेट्रोल पंप पर लोगों की कर्मचारियों से भिड़ंत हुई। लोग पांच सौ या हजार का नोट देकर सौ-दो सौ रुपये का पेट्रोल डलवाना चाह रहे थे लेकिन पेट्रोल पंप कर्मचारी खुले न होने के चलते पूरे पैसों का पेट्रोल डालने पर अड़े रहे।
 जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया लोगों की परेशानी भी बढ़ती गई। कारण सब्जी की ठेलों से लेकर जरनल स्टोर तक पर सामान लेने पहुंचे आम लोगों को खरीदारी करना मुश्किल हो गया। पांच सौ का नोट देने पर दुकानदार और अन्य सामानों के विक्रेता सामान देने को तैयार ही नहीं हुए। उनका कहना था कि सौ-सौ के नोट लाओ तभी सामान देंगे। इसके चलते कई जगह तनाव हुआ। सुबह ग्रुप में चाय पीने निकले लोगों को खासतौर से परेशानी का समाना करना पड़ा।
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हर जगह होती रही चर्चा
मैनपुरी। पांच सौ और हजार का नोट बंद होने को लेकर कलक्ट्रेट से लेकर सब्जी की ठेलों, मोहल्लों की गलियों और चाय की दुकानों तक पर लोग सिर्फ सरकार के इसी निर्णय को लेकर चर्चा करते दिखे। कोई पक्ष में तर्क दे रहा तो दूसरा उसको काट रहा था। इसके चलते कई जगहों पर विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

थोक मंडियों में पसरा सन्नाटा
मैनपुरी। जिले की थोक मंडियों में केंद्र सरकार के निर्णय के बाद सन्नाटा छा गया। थोक सब्जी मंडी झम्मन मंडी में सन्नाटा रहा। कारण वहां कोई भी व्यापारी पांच सौ और हजार के नोट लेने के लिए तैयार नहीं था। वहीं थोक में सामान लेने वाले लोग इन्हीं नोट को लेकर गए थे। थोक मंडी में दुकान करने वाले राजेश का कहना था कि सरकार का निर्णय सही है या गलत यह तो बाद की बात है। लेकिन इस निर्णय को जिस तरह लागू किया गया है उससे आज के व्यापार का सत्यानाश हो गया है। न तो थोक में व्यापार हो रहा है और न ही फुटकर में। यही हाल नवीन गल्ला मंडी में रहा। निजी व्यापारियों के यहां धान बेचने आने वाले किसान पांच सौ और हजार का नोट लेने के लिए तैयार नहीं थे। इसके चलते खरीदारी बिल्कुल ठप सी हो गई। कुछ एक व्यापारियों पर छोटे नोट थे तो वह कुछ खरीदारी कर सके।

भुगतान तक नहीं कर सके
मैनपुरी। बुधवार को दुकानदार भुगतान तक नहीं कर सके। दुकानदार एक पर्ची रोककर भुगतान करते हैं। अर्थात पहले माल का भुगतान वे दूसरी बार माल आने के बाद करते हैं। इसके चलते जिन दुकानदारों को बुधवार को भुगतान करना था उन्होंने पहले से ही निर्धारित राशि बड़े नोटों में रख ली थी। मंगलवार को आए निर्णय के बाद तकादेदारों ने उक्त नोट लेने से ही मना कर दिया। दुकानदार नेकसे गुप्ता ने बताया कि सरकार के निर्णय से दिनभर बिक्री को ग्रहण लग गया। वहीं जिन लोगों को भुगतान करना था उन्होंने भी पैसे लेने से मना कर दिया।
पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों पर उमड़ी भीड़
मैनपुरी। पांच सौ और हजार रुपये का नोट कुछ निर्धारित स्थानों पर ही चल रहा है। इसके चलते पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर दिनभर लाइन लगी रही। गैस सिलेंडर की कीमत 554 रुपये के लगभग है। इसके चलते लोग वहां पांच-पांच सौ के दो या एक हजार रुपये का नोट लेकर पहुंचे। ताकि वहां सिलेंडर लेने के बाद खुले पैसे मिल जाएं। शुरू में तो एजेंसी संचालकों ने खुले पैसे दे दिए लेकिन कुछ देर बाद ही ग्राहकों से खुले पैसे लेकर आने को कहा।

अर्थशास्त्रियों ने सराहा सरकार का निर्णय
मैनपुरी। केंद्र सरकार के निर्णय को इनकम टैक्स एडवोकेट, एकाउंटेंट से लेकर व्यापारी वर्ग तक ने एक सुर में सराहा है। हालांकि प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने इससे पैदा हुई मुश्किलों का भी जिक्र किया।
इनकमटैक्स एडवोकेट दीपक कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय बहुत अच्छा और साहसिक है। इससे लोगों की तिजोरियों में भरा कालाधन बाहर निकलेगा। इस निर्णय से हालांकि लोगों को कुछ दिन परेशानी जरूर होगी लेकिन परिणाम दूरगामी होंगे। व्यापारी और एकाउंटेंट नवनीत अग्रवाल ने कहा कि सरकार का यह निर्णय काफी अच्छा है। इससे काला धन तो बाहर आएगा ही साथ ही नकली नोटों की समस्या से भी निजात मिलेगी। प्रमोद कुमार जैन का कहना है कि सरकार के इस तरह के निर्णय से कर्मचारियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

आज भी झेलनी पड़ेगी परेशानी
मैनपुरी। सरकार के आदेश पर बैंक और एटीएम दो दिन बंद हैं। इसके चलते गुरुवार को लोगों को और भी अधिक परेशानी झेलनी होगी। कारण छोटे नोटों का बुधवार को तो किसी प्रकार लोगों ने इंतजाम कर लिया लेकिन गुरुवार को वे वह भी नहीं कर सकेंगे। एसे में जरूरी सामान की खरीदारी के समय लोगों को परेशानी होना तय है।

निर्णय लागू करने का तरीका सही नहीं
मैनपुरी। पांच सौ और एक हजार को नोट बंद करने पर व्यापारियों की प्रतिक्रिया मिलीजुली रही। एक और सभी इस निर्णय का स्वागत करते दिखे तो कुछ का कहना था कि इसे लागू करने का तरीका सही नहीं है। गल्ला मंडी के व्यापारी सुभाष चंद्र शर्मा, शेखर कुमार, रघुवीर सिंह, उदयवीर सिंह आदि ने निर्णय को देशहित में बताया।

बैंक से नोट बदल सकते हैं लोग: डीएम
मैनपुरी। जिलाधिकारी चंद्र पाल सिंह ने जनपदवासियों से कहा है कि लोग 500-1000 रुपये के नोट के प्रचलन बंद होने के कारण चिंता न करें। वे उक्त नोट को बैंक खाते में 30 दिसंबर तक जमा कर दें। या फिर किसी भी बैंक शाखा, डाकघर से प्रतिदिन 4000 रुपये तक की राशि के 500-1000 रुपये के नोट बदल सकते हैं।

सुविधा शुल्क से भी होना पड़ा वंचित
मैनपुुरी। पांच सौ और हजार के नोट बंद होने का असर सरकारी कार्यालयों में स्पष्ट देखने को मिला। कल तक जो लोग कार्य के लिए सुविधा शुल्क मांग रहे थे वे बुधवार को संबंधित व्यक्ति के देने पर भी लेने से मना करते दिखे।

पेट्रोल पंप पर खत्म हुआ पेटोल, डीजल
मैनपुरी। पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट खपाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। इसके चलते शहर के आसपास के क्षेत्रों में स्थित कई पेट्रोल पंपों पर तो पेट्रोल और डीजल दोपहर तक ही समाप्त हो गया।

ब्लैक में मांग रहे नोट
मैनपुरी। कल रात से ही कुछ दुकानदारों ने पांच सौ और हजार का नोट लेना बंद कर दिया। वहीं कई दुकानदारों ने पांच सौ का नोट लाने वाले व्यक्ति से स्पष्ट  कहा कि इसके बदले वह 450 रुपये या इतनी ही कीमत का सामान दे सकते हैं। इसके चलते खरीदारों में रोष दिखा।
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