युवाओं में सेना की वर्दी के प्रति चाहत कहें या सरकारी नौकरी की चाह। कुछ युवक हर पैतरा अपना रहे हैं। सेना भर्ती में होने वाले शारीरिक दक्षता परीक्षा में पास होेने के लिए कुछ अभ्यर्थी स्टेरायड (शक्तिवर्धक दवा) शक्तिवर्धक दवाओं का सहारा ले रहे हैं। भले ही यह दवाएं उनके लिए जेब और स्वास्थ्य के लिए महंगी साबित हो। पहले दिन से ही बड़े पैमाने पर यह दवाएं पकड़ी जा रही हैं।
राजकीय स्टेडियम और मंडी परिसर में चल रहे सेना भर्ती मेला में शुक्रवार को जनपद हाथरस के अभ्यर्थियों की भर्ती थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भर्ती में शामिल होने पहुंचे। अंदर जब अभ्यर्थियों की चेकिंग हुई तो 150 से अधिक अभ्यर्थियों के पास शक्तिवर्धक दवाएं और इंजेक्शन मिले। जिन अभ्यर्थियों के पास से यह दवाएं और इंजेक्शन मिले। उन्हें वापस भेज दिया गया।
भर्ती में शामिल होने के लिए पहुंचे 11,136 आवेदकों की दौड़ परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के बाद सेना के अधिकारियों ने 565 को ही फिट घोषित किया। कई अभ्यर्थी मायूस होकर लौट गए। कई में आक्रोश भी था। हाथरस से आए अनिल कुमार का कहना था कि वह सीना थोड़ा कम होने के चलते अस्वीकार कर दिए गए।
फर्जी मोहर भी लाए
सेना भर्ती के दौरान सिर्फ शक्तिवर्धक दवाएं ही नहीं अभ्यर्थियों के पास तीन दर्जन से अधिक विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मोहरें भी मिलीं। अभ्यर्थी इन मोहरों को कागजातों की छाया प्रतियां प्रमाणित करने के लिए उपयोग कर रहे थे। यह सभी मोहरें जब्त कर अभ्यर्थियों को सेना के जवानों ने हिदायत दी कि वह ईमानदारी से प्रयास करें।