महिला एवं बाल विकास की विधान मंडल समिति ने शनिवार को मैनपुरी आकर अस्पताल, जिला जेल, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच की। महिला बंदियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। वहीं जिला अस्पताल में खुले पोषण पुर्नवास केंद्र में 10 बेड पर सिर्फ 5 बच्चों की भर्ती देख गुस्सा जताया। स्कूलों में खराब शैक्षिक गुणवत्ता पर भी नाराजगी व्यक्ति की। समिति ने सभी को योजनाओं के संचालन में गंभीरता दिखाने का निर्देश दिया।
महिला एवं बाल विकास की विधान मंडल समिति की सभापति आशा किशोर ने सदस्यों के साथ जेल की महिला बैरक जाकर बंदियों से मिली। वहां पांच महिलाएं सजायाप्ता एवं 29 विचाराधीन थी। उनकी समस्याएं, गाने की गुणवत्ता आदि देखा। इसके बाद जिला अस्पताल की जांच की। पोषण पुनर्वास केंद्र्र में कुपोषण से ग्रसित बच्चों के परिजनों से बात की। केंद्र में सिर्फ पांच बच्चों की भर्ती पर गुस्सा जताया। कहा कि साफ है कि कुपोषण मिटाने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। तभी तो पोषण पुर्नवास केंद्र में भर्ती पांच में से चार बच्चे ओपीडी के हैं। डीपीओ को अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती करवाने का निर्देश दिया। सभापति ने प्राथमिक विद्यालय सिंहपुरा, रतिभानपुर का का भी निरीक्षण किया। कम उपस्थित के साथ ही पांचवी क्लास के बच्चे जोड़ना, घटाना तक नहीं कर सके। उन्होंने इस पर भी नाराजगी जताई। मौके पर एडीएम राकेश कुमार मालपाणी, सीएमओ डाक्टर केके शर्मा, एसडीएम विजय प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अजयवीर सिंह यादव, प्रभारी बीएसए भारती शाक्य, डीपीओ साहब यादव मौजूद रहे।
होम्योपैथिक अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया ज्ञापन
जिला होम्योपैथिक अस्पताल के डाक्टरों ने महिला एवं बाल विकास की समिति की सभापति को ज्ञापन दिया। इसमें वेतन आदि समस्याएं निस्तारित कराने की मांग की।